4:19 am Thursday , 5 November 2026
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उझानी में बोले किसान -सरकारी केंद्रों पर नियमों का झाम, आढ़तों पर नकद दाम

उझानी बदायूं 5 अप्रैल। 17 मार्च से शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद जिले में रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। रजिस्ट्रेशन, सत्यापन, चैक के फेर और मानकों के झंझट से बचने के लिए किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों से दूरी बना रखी है।

वहीं आढ़तें किसानों से गुलजार हैं। यही कारण है कि बीते 20 दिनों में निजी आढ़तों पर सरकारी केंद्रों से कई गुना ज्यादा खरीद हो चुकी है। आढ़तों पर एमएसपी से कहीं अधिक मूल्य होने के चलते भी किसान वहां अपने गेंहू की बिक्री करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य इस बार 2425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। वहीं, आढ़तों पर आज किसानों से 2450 रुपये प्रति क्विंटल तक की दर से खरीद की जा रही है। ऐसा नहीं है कि किसान सरकारी केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे, पर इनकी संख्या बहुत ही कम है। बीती 15 मार्च से अब तक जिले भर में सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा नजर आता हे। वहीं मंडी की आढ़तों पर गेंहू के ढेर लगे नजर आते हैं।
किसानों का कहना है कि आढ़तों पर अधिक मूल्य के साथ ही नकद भुगतान भी मिल रहा है। रजिस्ट्रेशन, मानकों की भी झंझट नहीं है। वहां गेंहू की क्वालिटी के चक्कर में केन्द्र प्रभारी को मनाना पडता है, कुछ किसानों के हल्के नम गेहूं को सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं लिया जाता।
फिलहाल मंडी में आढ़तों पर 2400 से लेकर 2450 रुपये तक कीमत में गेहूं खरीदा जा रहा है। नमी वाला गेहूं आढ़त पर कुछ कम दामों में खरीदा जा रहा हैं। वहीं आढ़तियों का कहना है कि इस समय गेंहू की आवक बहुत कम है। आठ दिन वाद गेंहू की आवक काफी बढ जाएगी।———————— राजेश वार्ष्णेय एमके।

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