Dr. Jyoti kanwar हम जी रहे हैं जान तुम्हारे बगैर भी हर दिन गुजर रहा है गुज़ारे बगैर भी सब के लिए किनारे पे होता नहीं कोई कुछ लोग डूबते हैं पुकारे बगैर भी जीते बगैर जीतने वालों के दौर में कुछ लोग हार जाते हैं हारे बगैर भी ऐसे …
Read More »तेरी यादों में – BiNi ShaKha
BiNi ShaKha तेरी यादों में आज फिर खो जाने दो, तेरे ख्वाबों में मुझे थोड़ा मुस्कुराने दो । रात कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो, तेरे बिना इसे अधूरी ही रहने दो ।। 🥰🌹
Read More »कभी-कभी- Gunjan Agrawal
Gunjan Agrawal कभी-कभी कुछ दुःख “आत्मा” को, इस तरह छलनी कर जाते हैं कि… उनके दर्द में आंखें तक बंजर हो जाती हैं।। गुंजन शिशि
Read More »भाषा – Pushpa
Pushpa भाषा एक ऐसा वस्त्र है जिसे अगर शालीनता से न पहना जाये तो सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्वस्त्र हो जाता है..!
Read More »मुझे- Nita Vasave
Nita Vasave मुझे गर्व है कि आज मैं खुद को जिस तरह सँभाल रही हूँ .. मैंने अकेले ही कई खामोश लड़ाइयाँ लड़ी हैं…. अपने आँसू खुद पोंछे हैं…. और फिर भी हर दिन मुस्कुराई हूँ …
Read More »फिर क्या करोगे- Anyra
Anyra ये जो तुम मुझे खो बैठे हो किसी और के लिए, 🥀 अगर वो भी तुम्हारा न हुआ तो फिर क्या करोगे!
Read More »बहुत होंगे- arpita singh
अर्पिता सिंह_❣️ बहुत होंगे दुनिया में तुम्हें चाहने वाले, मगर मुझ पागल की तो दुनिया ही तुम हो….❣️
Read More »मुकम्मल- Tripti Tripathi
Tripti Tripathi उसने कहा–तन्हाई लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति की ख़ामोशी। उसने कहा–बेकरारी लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति का इंतजार। उसने कहा–सुकून लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति का ठहरना। उसने कहा–मुकम्मल लिखो, मैंने लिखा–तृप्ति का साथ।
Read More »सिद्धांतवादी होना- Komal Rathore
Komal Rathore सिद्धांतवादी होना जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि है। जिस जीवन में सिद्धांत नहीं हैं वो जीवन कभी भी श्रेष्ठ एवं आदर्श नहीं बन सकता।🧖🏻
Read More »शौक – Mansi
मानसी ( somdalal ) Mansi ” जी हम तो शौक फर्माते है और आप दिल पे लेते हैं , जी ये बात तो जायज नहीं क्यूँ खुद को नादान बताते हैं !!
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