सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में हुआ एकदिवसीय शिशु वाटिका का अवलोकन
बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में शिशु शिक्षा की गुणवत्ता, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा बालकों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एकदिवसीय शिशु वाटिका अवलोकन कार्यक्रम शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिशु वाटिका की12 शैक्षिक व्यवस्थाओं के अंतर्गत14 कार्यक्रम गतिविधियों, शिक्षण पद्धति एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उनके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अवलोकन से पूर्व वंदना सत्र में प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने परिचय करवाया सह प्रांत शिशु वाटिका सयोजका श्रीमतिम नीलम मिश्रा ने पका पहना कर स्वागत किया
अवलोकन के दौरान शिशु वाटिका में छोटे बच्चों की आयु, रुचि एवं मानसिक स्तर के अनुरूप संचालित शिक्षण गतिविधियों का जायजा लिया गया। बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं नैतिक विकास को ध्यान में रखते हुए खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने की पद्धति पर विशेष ध्यान दिया गया। गीत, कहानी, अभिनय, खेल, चित्रकला तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। इस अवस्था में बच्चों को भयमुक्त, आनंददायक एवं संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग, स्वच्छता तथा अच्छे व्यवहार जैसी आदतों का विकास हो सके।
अवलोकन के दौरान शिशु वाटिका की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने, शिक्षण सामग्री का बेहतर उपयोग करने तथा बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। विद्यालय परिवार ने शिशु शिक्षा को संस्कार, संस्कृति एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के समन्वय से प्रभावी बनाने के हर आयाम को अपनाने को प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिशु वाटिका की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना तथा नन्हे बच्चों को आनंदपूर्ण वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना रहा।
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