11:48 pm Wednesday , 4 November 2026
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बदांयू में मानक पूरे किए बिना सड़कों पर दौड़ रहीं निजी एंबुलेंस

बदांयू 7 अप्रैल।
शहर में मानकों की अनदेखी कर संचालित की जा रहीं हैं। ज्यादातर वाहनों की फिटनेस तक नहीं है। ऐसे में इनसे मरीज को अस्पताल लाने व घर या दूसरे अस्पताल ले जाने पर हादसे की आशंका रहती है। स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के जिम्मेदार इन पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति तक ही सिमटे हैं।

शहर में 50 से अधिक निजी एंबुलेंस चल रहीं हैं। इनमें से ज्यादातर, सरकारी अस्पताल, निजी अस्पतालों के सामने दिनभर खड़ी नजर आती हैं। निजी एबुलेंस संचालन के लिए नेशनल हेल्थ मिशन व परिवहन विभाग की ओर से गाइड लाइन दी गई है। एंबुलेंस पंजीकरण के लिए फर्स्ट ऐड बॉक्स, बीपी मशीन, संक्शन पंप, यूरिन पॉट, बैग वाॅल्व मास्क आदि होना अनिवार्य है।

शहर में चल रहीं ज्यादातर एंबुलेंस में इनमें से एक भी चीज नजर नहीं आती। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर इनमें सिर्फ ऑक्सीजन सिलिंडर लगा रखे हैं। कई बार यह भी काम नहीं करते। जिन वाहनों को एंबुलेंस बनाया गया है, उनमें से ज्यादातर की फिटनेस ही नहीं है।

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प्रशिक्षित स्टाफ भी नहीं
शहर में चल रहीं ज्यादातर एंबुलेंस में प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। इसके बाद भी इनमें गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाया जाता है। कई बार रास्ते में मरीजों की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाता।————————————-
इमरजेंसी में वसूलते हैं मनमाना किराया
इमरजेंसी में एंबुलेंस बुक करते समय संचालक मनमाने रुपये वसूलते हैं। जल्द अस्पताल पहुंचने के लिए तीमारदारों को मजबूरी में यह किराया देना पड़ता है। बदांयू से बरेली पहुंचाने के लिए एबुलेंस संचालक 1500 से 2500 रुपये तक लेते हैं।————————————— अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी परिवहन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। आखिर इन मानकविहीन एंबुलेंस पर कार्रवाई कोन करेगा। स्वास्थ्य विभाग या परिवहन विभाग,या यह ऐसे ही सड़कों पर दोडती रहेंगी।-

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