6:25 pm Wednesday , 4 November 2026
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दिखावे का नाम पूजा नहीं है – आचार्य संजीव रूप

दिखावे का नाम पूजा नहीं है – आचार्य संजीव रूप

बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ कराते हुए कहा, “मंदिर के देवता पर पुष्प चढ़ाने का नाम पूजा नहीं है। आरती, वंदन अथवा धार्मिक अनुष्ठान मात्र पूजा नहीं हैं। पूजा तो उस व्यवहार और आचरण का नाम है, जो मन को पवित्र बनाए, हृदय में करुणा, राष्ट्रप्रेम तथा प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना उत्पन्न करे।”
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने कर्तव्यों का अच्छे से पालन करता है, अभद्र या अमर्यादित व्यवहार नहीं करता, पूरी निष्ठा से अपने कार्य को करता है और दूसरों को सुख देता है, तो समझना चाहिए कि वह हर समय पूजा ही कर रहा है। दिखावे का नाम पूजा नहीं है।
आचार्य संजीव रूप ने कहा कि माता-पिता की सेवा, गुरुजनों का आदर, घर आए अतिथियों का सम्मान तथा स्वयं खाने से पहले दूसरों को खिलाने की भावना ही मनुष्य को धार्मिक और सच्चा इंसान बनाती है।
इस अवसर पर डॉ. सत्यम आर्य, राकेश आर्य, श्रीमती लीलावती देवी, श्रीमती कमलेश कुमारी, श्रीमती मुन्नी देवी, श्रीमती सरोज देवी, कुमारी तृप्ति आर्य आदि उपस्थित रहे।

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