Tripti Tripathi तुम्हें अपना समझने का, मुझे अधिकार कम होगा...!! मगर तुमको निभाने का, मेरा हर बार वादा होगा...!! अगर राधा को मिल जाए, कभी अपना वही मोहन...!! तो फिर इस प्रेम की दुनिया में, कहाँ विराम आएगा...!!