Tripti Tripathi उसने पूछा--ख़ामोशी क्या है, मैंने कहा--"तृप्ति" का फ़साना।। उसने पूछा--बंदगी क्या है, मैंने कहा--"तृप्ति" का ठिकाना।। उसने पूछा--सुकून क्या है, मैंने कहा--"तृप्ति" की बाहें।। उसने पूछा--जिंदगी क्या है, मैंने कहा--"तृप्ति" की राहें।।