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बदायूं 18 अक्टूबर।
इलाज के लिए खेत का टुकड़ा बेचने निकले फालिज पीड़ित अनपढ़ किसान से धोखे से अंगूठा लगवाकर उसका प्लॉट हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित न्यायालय की शरण में पहुंचा। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित उदयराज (51) पुत्र नन्हें निवासी ग्राम जुगापुरा मजरा मोहम्मदगंज थाना कादरचौक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह पिछले तीन साल से पैरालिसिस से पीड़ित है, शरीर के आधे हिस्से ने काम करना बंद कर दिया है। उसका इलाज उझानी में आयुर्वेद और बदायूं के रामा अस्पताल में चल रहा है। इलाज के लिए रुपये की जरूरत पर उसने अपनी कृषि भूमि का कुछ हिस्सा गांव के ही रविन्द्र कुमार सक्सेना को बेचने की बात की थी।
आरोप है कि 20 जून 2026 को गांव के ही गुड्डू पुत्र रामसिंह और नरेन्द्र उर्फ गौरा पुत्र हरचरन उसे टिर्री में बैठाकर रजिस्ट्री कार्यालय बदायूं ले गए। वहां उनके दो साथी राजकिशोर पुत्र सेवाराम और ठकुरी पुत्र केसरी तथा प्रलेखक सुभाष साहू पहले से मौजूद थे।
पीड़ित का आरोप है कि अनपढ़ होने के कारण कई कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। क्रेता रविन्द्र ने खेत के बदले 50 हजार रुपये दिए, जिसे गुड्डू ने यह कहकर ले लिया कि अंदर अभी और अंगूठा लगना है, गांव चलकर ले लेना। बाद में अंदर ले जाकर प्लॉट का बैनामा भी अपने नाम करा लिया।
घर आकर जब पीड़ित ने अपने 50 हजार रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने रुपया देने से मना कर दिया और कहा कि अब तुमने अपना प्लॉट नरेन्द्र व गुड्डू के नाम बेच दिया है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने थाना कादरचौक पुलिस से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उसने न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र दिया।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में आरोपी नरेन्द्र उर्फ गौरा, गुड्डू, राजकिशोर, ठकुरी और प्रलेखक सुभाष साहू के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धमकाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विवेचना उपनिरीक्षक योगेश कुमार को सौंपी गई है।
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