ग्राम सलेमपुर में शिक्षा की अलख जगाने का संदेश, हर बच्चे को पढ़ाने का लिया संकल्प
बदायूं। ग्राम सलेमपुर में शिक्षा के महत्व को लेकर एक प्रेरणादायक संदेश सामने आया है। गांव में अधिकांश परिवार खेती-किसानी और मेहनत-मजदूरी से जुड़े हैं। ऐसे में शिक्षा को केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में जागरूकता लाने, सही निर्णय लेने और परिवार व समाज की तरक्की का आधार बताया गया है।
संदेश में कहा गया कि जब एक बच्चा शिक्षित होता है, तो उसका लाभ केवल उसे ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को मिलता है। शिक्षा से किसान, मिस्त्री और मजदूर अपने अधिकारों, सरकारी योजनाओं, वस्तुओं की गुणवत्ता और उचित दामों के प्रति जागरूक हो सकते हैं। इससे वे धोखाधड़ी से बचने के साथ अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
ग्राम सलेमपुर के लोगों से अपील की गई कि वे बेटा-बेटी में भेदभाव किए बिना सभी बच्चों को शिक्षा के समान अवसर दें और गांव के हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने में सहयोग करें।
सलेमपुर के लिए दिए गए आठ प्रेरणादायक संदेश
सलेमपुर की मिट्टी में मेहनत है, अब उसमें शिक्षा का बीज भी बोना है।
जिस घर में एक बच्चा पढ़ता है, उस घर में उम्मीद का उजाला फैलता है।
हमारे बुजुर्गों ने हल चलाया, अब हमारी कलम चलेगी।
बेटा हो या बेटी, किताब दोनों के हाथ में होनी चाहिए।
स्कूल दूर नहीं, सपना दूर है; सपने को पास लाना है।
सलेमपुर का नाम खेतों से ही नहीं, पढ़े-लिखे बच्चों से भी चमकेगा।
आज एक कॉपी, कल रोजगार और आने वाले कल में पूरे गांव की तरक्की।
आओ, हम सब मिलकर संकल्प लें कि सलेमपुर का एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
अंत में अवनीश पाल, जिला संयोजक, राष्ट्रीय हनुमान दल, जिला बदायूं ने ग्रामीणों से शिक्षा के प्रति जागरूक होने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
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