देवी स्वरूपों का हुआ पूजन
विजयदशमी बोध कराया गया
बरेली शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर माता कालरात्रि पूजन के उपलक्ष्य में सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में 121 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय, श्रीमती नीलम मिश्रा, राजीव कुमार ने सपत्नी सब परिवार के साथ मां कालरात्रि से सभी के सुख, समृद्धि, आरोग्य एवं कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका तिलक किया गया तथा पुष्प अर्पित कर सम्मानपूर्वक पूजन किया गया। इसके पश्चात सभी कन्याओं को भोजन कराया गया और दक्षिणा एवं उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की। विद्यालय के आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं ने कन्या पूजन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि बालिकाओं के प्रति सम्मान, स्नेह और संवेदनशीलता प्रकट करने का भी माध्यम है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव की भावना विकसित होती है। माता कालरात्रि की आराधना को शक्ति, साहस और नकारात्मकता पर विजय का प्रतीक बताते हुए सभी के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का समापन मां भगवती की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को भारतीय परंपराओं के संरक्षण तथा नई पीढ़ी में संस्कारों के संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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