Kaveri Gupta कभी पूछना हमारी साँसों से, किसकी माला जपती हैँ! कभी पुछ्ना हमारी आँखों से, यह किसका रास्ता तकती हैँ !! सुन लेना कभी नज़दीक से हमारी धड़कनों को, यह किसकी इबादत करती हैँ !!!