बदायूँ। राजकीय महाविद्यालय बदायूँ में चल रहे वनस्पति विज्ञान सेमिनार के नौवें दिन विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां जारी रहीं।
छात्रा प्रतीक्षा वर्मा ने मालवेसी कुल के कायिक एवं पुष्पीय लक्षणों, पुष्प की संरचना तथा इस कुल के पौधों के आर्थिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कपास, भिंडी और गुड़हल जैसे पौधे इस कुल के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं, जो कपड़ा उद्योग, सब्जी उत्पादन एवं सजावट की दृष्टि से उपयोगी हैं।
वहीं छात्रा अनुष्का दीक्षित ने यूफोर्बिएसी कुल के महत्वपूर्ण पौधों—केसर, अरंडी और जट्रोफा आदि—के बारे में जानकारी साझा की।
छात्र अमित शाक्य ने फाइलोजेनी, क्लैडिस्टिक्स और टैक्सोनोमेट्रिक्स की मूल अवधारणाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने डीएनए बारकोडिंग तथा क्लैडोग्राम के माध्यम से पौधों के विकास और वर्गीकरण को समझने की नई विधियों पर प्रकाश डाला।
विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता ने बताया कि फाइलोजेनेटिक प्रणाली में डीएनए, आरएनए एवं प्रोटीन डेटा का प्रयोग किया जाता है, जिससे पौधों की नई प्रजातियों की पहचान एवं वर्गीकरण अधिक सरल तथा सटीक होता है। सेमिनार में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रस्तुतियों पर प्रश्नोत्तर भी हुआ।
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