बदायूं – मिथलेश कुमारी मॉडर्न स्कूल में ‘नमामि गंगे’ अभियान की गूंज, विद्यार्थियों ने दिया स्वच्छ गंगा का संदेश
चित्रकला, रंगोली, प्रश्नोत्तरी और स्वच्छता शपथ के जरिए गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता का संदेश; 30 से अधिक छात्र-छात्राएं सम्मानित
बिल्सी (बदायूं)। गंगा संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिसौली रोड स्थित मिथलेश कुमारी मॉडर्न स्कूल में ‘नमामि गंगे’ विशेष अभियान के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा है’ कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। डीपीओ अनुज प्रताप सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ गंगा और स्वस्थ पर्यावरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में चित्रकला, रंगोली, प्रश्नोत्तरी, भाषण प्रतियोगिता और स्वच्छता शपथ जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने, जल संरक्षण, प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। ट्री मैन प्रशांत जैन ने विद्यार्थियों को घर, विद्यालय और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
भाषण प्रतियोगिता में छाया ने प्रथम, अवनी ने द्वितीय और पिंकस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता में हर्षा प्रथम, तनवी द्वितीय और अनुराधा तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में राखी, खुशी, तनु, खुशबू शर्मा और निशा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में 30 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रतीक चिह्न, मेडल, प्रमाणपत्र और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया।
गंगा संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी: अनुज प्रताप सिंह
मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष ज्ञान देवी सागर, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओम प्रकाश सागर और डीपीओ अनुज प्रताप सिंह रहे। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय वेद प्रचारक एवं कवि आचार्य संजीव रूप तथा जैन समाज के अध्यक्ष मृगांक जैन मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि राहुल सिंह सोलंकी और ट्री मैन प्रशांत जैन ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
डीपीओ अनुज प्रताप सिंह ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक आस्था, परंपरा और जीवन का अभिन्न अंग है। इसकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। विद्यार्थियों में बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के संस्कार विकसित करना जरूरी है, क्योंकि जागरूक विद्यार्थी ही भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
विद्यालय के डायरेक्टर अजय सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना भी है। शिक्षिका अन्नू राय ने कहा कि ‘नमामि गंगे’ जैसे अभियान बच्चों को व्यवहारिक रूप से पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हैं।
आचार्य संजीव रूप ने स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरे का उचित निस्तारण करने पर जोर दिया। ट्री मैन प्रशांत जैन ने कहा कि गंगा केवल नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर और करोड़ों लोगों के जीवन का आधार है। इसकी निर्मलता बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत प्रयासों के साथ सामूहिक सहभागिता भी जरूरी है।
कार्यक्रम में मनोज माहेश्वरी, सूरज सागर, संचित सक्सेना (नमामि गंगे सदस्य), रमेश बाबू शर्मा, प्रिंस माहेश्वरी, अजीत वार्ष्णेय, गोपाल वार्ष्णेय सहित अन्य सहयोगियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के सह-संयोजन में अरिहंत संरक्षण समिति बिल्सी और कैलाश धाम आध्यात्मिक ट्रस्ट का सहयोग रहा। आयोजन ने विद्यार्थियों को स्वच्छता अपनाने, जलस्रोतों की रक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
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