5:43 pm Wednesday , 14 October 2026
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एस्सेल किड्ज़ फन फिएस्टा के तीसरे दिन नन्हें कलाकारों ने बिखेरे प्रतिभा के अनूठे रंग

📰 क्लीन उझानी, ग्रीन उझानी, नवीन उझानी! नन्हें हाथों का बड़ा कमाल, 241 बच्चों की Colour Brush से सजा स्वच्छ और सुंदर भविष्य का सपना!

रंगों में कल्पनाओं की उड़ान, चित्रों में बदलाव का पैगाम! एस्सेल किड्ज़ फन फिएस्टा के तीसरे दिन नन्हें कलाकारों ने बिखेरे प्रतिभा के अनूठे रंग!

किसी ने सजाया ‘क्लीन उझानी–ग्रीन उझानी–नवीन उझानी’ का सपना, तो किसी ने जल संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण का संदेश देकर जगाई सामाजिक चेतना।

उझानी (बदायूँ), बुधवार, 14 अक्टूबर 2026।

नन्हें हाथों में रंगों की कूची, आँखों में अनगिनत सपने और मन में कुछ नया कर दिखाने का उत्साह! बुधवार को एस्सेल ओडियन पब्लिक स्कूल, उझानी का परिसर रंगों, कल्पनाओं और रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

अवसर था एस्सेल किड्ज़ फन फिएस्टा 2026 के तीसरे दिन आयोजित ड्राइंग एवं डॉट-टू-डॉट प्रतियोगिताओं का, जिसमें लगभग 241 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी कल्पनाशक्ति, कलात्मक कौशल और रचनात्मक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।

किसी की कूची ने प्रकृति को मुस्कान दी, तो किसी के रंगों ने जल की प्रत्येक बूँद बचाने का संदेश दिया। बच्चों की मनमोहक कलाकृतियाँ मानो कह रही थीं—

“हम छोटे जरूर हैं, लेकिन हमारे सपने बड़े हैं और हमारी सोच समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का हौसला रखती है!”

🎨 रंगों ने भरी उड़ान, बच्चों ने दिया बदलाव का पैगाम!

प्रतियोगिता का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि बच्चों की चित्रकारी केवल सुंदर आकृतियों और आकर्षक रंगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति बनकर उभरी।

विद्यार्थियों ने ‘सेव वॉटर’, ‘क्लीन उझानी–ग्रीन उझानी–नवीन उझानी’, स्वच्छ भारत अभियान, वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी चित्रकला के माध्यम से जीवंत बना दिया।

किसी ने हरे-भरे पेड़ों से सजी स्वच्छ उझानी की कल्पना को कागज़ पर उकेरा, तो किसी ने जल संचय और प्रकृति संरक्षण का महत्व समझाया।

वहीं विद्यार्थियों ने प्राकृतिक दृश्यों, आकर्षक रंग संयोजनों और अमूर्त कलाकृतियों (Abstract Art) के माध्यम से अपनी मौलिक सोच एवं कल्पनाशीलता का परिचय दिया।

नन्हें कलाकारों ने तितलियों, रंग-बिरंगी मछलियों, छतरियों और अन्य मनमोहक आकृतियों को सुंदर रंगों से सजाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इन चित्रों में केवल रंग नहीं, बल्कि बच्चों की उम्मीदें, संवेदनाएँ और एक बेहतर कल की खूबसूरत कल्पनाएँ झलक रही थीं।

🌟 बिंदु-बिंदु से बनी तस्वीर, नन्हीं प्रतिभाओं ने किया कमाल!

प्लेग्रुप, एलकेजी एवं यूकेजी के विद्यार्थियों के लिए आयोजित डॉट-टू-डॉट प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

नन्हें बच्चों ने क्रमबद्ध बिंदुओं (Dots) को ध्यानपूर्वक जोड़कर विभिन्न आकृतियों को आकार दिया और फिर उनमें अपनी पसंद के रंग भरकर उन्हें जीवंत बना दिया।

इस रोचक गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने एकाग्रता, धैर्य, क्रमबद्ध सोच, सूक्ष्म अवलोकन, रंगों की पहचान तथा हाथों और आँखों के बेहतर समन्वय जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

हर जुड़ता बिंदु बच्चों के बढ़ते आत्मविश्वास की कहानी कह रहा था और हर भरा हुआ रंग उनकी रचनात्मकता को नई पहचान दे रहा था।

बच्चों के उत्साह ने यह सिद्ध कर दिया कि—

“प्रतिभा उम्र नहीं देखती, बस अवसर माँगती है; और प्रोत्साहन मिले तो नन्हें हाथ भी बड़े कमाल कर दिखाते हैं!”

🏆 रंगों के सितारे : प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थी

प्लेग्रुप से यूकेजी : ड्राइंग प्रतियोगिता

प्रथम स्थान: अनुष्का, मिशिका एवं ध्रुव।

द्वितीय स्थान: अमारा, मिफरा, माहिव, आर्यन यादव एवं कृषिका।

तृतीय स्थान: मितांश, दानियाल, प्रियंका एवं तान्या।

सांत्वना पुरस्कार: अविन, कृष्णा, एकता एवं अरहम।

🌈 प्लेग्रुप से यूकेजी : डॉट-टू-डॉट प्रतियोगिता

प्रथम स्थान: यौगांश, इशांत, माहिव एवं काव्या।

द्वितीय स्थान: निधि, मितांश, मिशिका, कृतिका जादुन एवं दर्शित।

तृतीय स्थान: आयांश, अदिति, अंश, शगुन एवं आयांश यादव।

सांत्वना पुरस्कार: कदीर, राजदीप, क्रिश, निहारिका एवं निशा।

🖌️ कक्षा 1 से 8 : ड्राइंग प्रतियोगिता

प्रथम स्थान: सत्यम, मान्या, अक्षिता, गरिमा, प्रियांशी, अक्षिता, अनंत, मानवी एवं फारिया।

द्वितीय स्थान: अनुष्का, रूही, प्रिंसी, गार्गी, शिवांगी, कशिश, फातिमा, अक्षा, रूबल एवं श्रुति।

तृतीय स्थान: कैरव, रोहित, उरूज, दीपांशी, अदिति, शौर्य, वर्तिका एवं पारस।

सांत्वना पुरस्कार: अंशिका, आराध्या, आशी, भूमि, आध्या, तेजल, इस्बाह, मदीहा, अंश एवं दीपक।

सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों, उत्साह, लगन और रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की गई।
🌱 रंगों से संस्कार तक : आज के नन्हें कलाकार, कल के जागरूक नागरिक!

विद्यालय प्रबंधन Sudhanshu Gupta अनुसार, चित्रकला केवल कागज़ पर रंग भरने की गतिविधि नहीं, बल्कि बच्चों की कल्पनाशक्ति, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास और स्वतंत्र अभिव्यक्ति को विकसित करने का प्रभावशाली माध्यम है।

जब बच्चे स्वच्छता, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषयों को अपनी कलाकृतियों में उतारते हैं, तो उनके भीतर समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

“आज जो नन्हें हाथ स्वच्छ और हरित उझानी का चित्र बना रहे हैं, वही कल अपने विचारों, संकल्पों और प्रयासों से एक सुंदर समाज के निर्माण में योगदान देंगे।”

एस्सेल किड्ज़ फन फिएस्टा के माध्यम से विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति, जीवन कौशल, सामाजिक जागरूकता और आत्मविश्वास विकसित करने के अवसर प्रदान करना है।

✨ हर बच्चा प्रतिभाशाली, हर प्रयास सराहनीय!

कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रधानाचार्य विमल सिंह, ऑफिस कोऑर्डिनेटर अक्षय सक्सेना, अकादमिक कोऑर्डिनेटर पूजा यादव, गुंजन माहेश्वरी, रितिका शर्मा, प्रियंका साहू, अनामिका, हिमांशी, मेघा, लवी, सोनी, कुसुम, रोशन, सृष्टि सिसौदिया, सृष्टि अग्रवाल, कशिश, श्वेता, प्रियंका माथुर, प्रत्यांशी, आकांक्षा एवं प्रियंका गुप्ता सहित समस्त शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा।

विद्यालय परिवार ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए प्रत्येक प्रतिभागी के प्रयासों की प्रशंसा की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एस्सेल किड्ज़ फन फिएस्टा का तीसरा दिन एक खूबसूरत और प्रेरणादायक संदेश के साथ संपन्न हुआ—


“बच्चों को केवल कागज़ पर रंग भरना मत सिखाइए, उन्हें अपने सपनों में रंग भरने का अवसर दीजिए; क्योंकि आज उनकी Colour Brush से बनी तस्वीरें ही कल एक खूबसूरत दुनिया की प्रेरणा बन सकती हैं!

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