आज दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को जनहित सत्याग्रह मोर्चा बदायूं ने कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी करने के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी \बदायूं के माध्यम से भेजा।
ज्ञापन में मांग की गई कि एस आई आर की प्रक्रिया को रद्द किया जाए। एस आई आर में हुई गड़बड़ियों और गलत तरीके से नागरिकों को मतदाता सूची से बाहर करने के दोषी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए। तथा दिल्ली सहित देश में चल रहे आंदोलनों का बर्बर दमन बंद किया जाए।
मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक का जनवादी अधिकार है।इसे छीना नहीं जाना चाहिए।देश की न्यायप्रिय जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए और एस आई आर के खिलाफ संघर्षरत है।और सरकार फासीवादी तरीके से उसका दमन कर रही है। हम इस दमनात्मक कार्यवाही का विरोध करते हैं।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के डा सतीश ने कहा 10 अक्टूबर को सी जे पी और अन्य छात्र नौजवान संगठनों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की कॉल दी थी। जो कि उनका जनवादी अधिकार था। लेकिन सरकार ने सभी यातायात के साधनों को बंद कर पूरे जंतर मंतर को बैरिकेड से घेर दिया गया। हजारों की संख्या में पुलिस बल एवं अर्धसैनिक बलों को लगाया गया।सरकार ने लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली में अलग अलग जगहों पर छात्र नौजवान और न्यायप्रिय नागरिक सड़कों पर उतरे। इन प्रदर्शनकारियों का बर्बर दमन किया गया हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।लेकिन इस सब के बावजूद प्रदर्शन लगातार जारी है।और उनका दमन भी लगातार किया जा रहा है। हम इस दमनात्मक कार्यवाही का विरोध करते हैं। और मांग करते हैं कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इजाजत दी जाए।इसके अलावा जंतर मंतर को फिर से प्रोटेस्ट की जगह घोषित किया जाए।
कार्यक्रम में प्रेमपाल सिंह, डा सतीश, कृष्ण गोपाल, आर के जौहरी, एड पवन गौतम, एड योगेश, एड सी एल गौतम, बाबूराम, राजेश कुमार सक्सेना, चरन सिंह यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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