उझानी में दवा लेने आई महिला की हुई शिनाख्त,निजी क्लीनिक पर संदिग्ध मौत का आरोप।
24 घंटे तक मोर्चरी में पड़ा रहा अज्ञात शव; लभारी निवासी मीरा के रूप में हुई शिनाख्त, बेटी ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप।
उझानी, बदायूं 14 अक्टूबर।

उझानी में एक निजी क्लीनिक पर दवा लेने गई महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद 24 घंटे तक उसका शव मोर्चरी में अज्ञात के रूप में पड़ा रहा। कड़ी मशक्कत के बाद आज पुलिस ने शव की शिनाख्त करा ली है। मृतका की पहचान कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम लभारी निवासी मीरा पत्नी सत्यपाल उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई है।
मृतका की बेटी अंजलि पुत्री सत्यपाल ने कोतवाली उझानी में दी तहरीर में बताया कि उसकी मां मीरा 13 अक्टूबर को सुबह करीब 9 बजे उझानी स्थित डॉ. नईमुद्दीन के क्लीनिक पर दवा लेने गई थी। क्लीनिक पर ही दवा लेने के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि परिजनों को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कौन सी दवा दी गई। बाद में क्लीनिक स्टाफ द्वारा उसे बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझानी भेज दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटी का आरोप है कि मौत के बाद उसे कोई सही जानकारी नहीं दी गई। परिवार को मौत की सूचना तक प्रधान ग्रुप के माध्यम से मिली। 24 घंटे तक शव की शिनाख्त न होने के कारण वह मोर्चरी में अज्ञात महिला के रूप में रखा रहा।
आज सुबह जब परिजन मोर्चरी पहुंचे तो कपड़ों और हुलिए से शव की पहचान मीरा के रूप में की। पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित बेटी अंजलि ने कोतवाली पहुंचकर डॉ. नईमुद्दीन पर गुमराह करने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है, शव की शिनाख्त ग्राम लभारी निवासी मीरा के रूप में हो गई है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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