सुरक्षित बचपन योजना से जोड़ें जाएं महिला बंदियों के बच्चे
केशव गुप्ता
बदायूं: 13 अक्टूबर। अपर जिलाधिकारी प्रशासन मानवेन्द्र सिंह ने सुरक्षित बचपन योजना के तहत निर्देश दिए कि जिला कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों के ऐसे बच्चे, जो अपने घरों पर रह रहे हैं, उनको भी इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने तथा पात्र बच्चों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने की कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को संयुक्त निगरानी समिति द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण किया गया। सुरक्षित बचपन की निगरानी समिति के अंतर्गत चिन्हित बच्चों की स्थिति एवं उनकी आवश्यकताओं की समीक्षा भी की गई। निरीक्षण के दौरान बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जिला कारागार में 11 बच्चे अपनी माताओं के साथ रह रहे हैं। समिति ने इन बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना (आईसीपी) का फॉलोअप करने तथा समय-समय पर उनकी काउंसलिंग कराने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसीएमओ एवं बाल रोग विशेषज्ञ को आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेन्द्र कुलश्रेष्ठ, एसीएमओ डॉ0 मोहन झा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नन्द किशोर पाठक, दोनांे संरक्षण अधिकारी रवि कुमार एवं प्रीती कौशल, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, मुख्य सेविका पूनम यादव, जेलर शैलेश कुमार सोनकर तथा डिप्टी जेलर अनन्या अत्री सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
—-
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com