नन्हीं कलमों ने लिखी बदलाव की इबारत, सुंदर अक्षरों से दिया समाज को बड़ा संदेश।
उझानी के एस्सेल किड्स में फन फिएस्टा।
उझानी बदायूं 13 अक्टूबर ।
नगर के एस्सेल विद्यालय में आयोजित एस्सेल किड्ज़ फन फिएस्टा-2026 के दूसरे दिन हिंदी एवं अंग्रेजी सुलेख प्रतियोगिता में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सुंदर अक्षरों के साथ सशक्त विचारों की अद्भुत छाप छोड़ी।
प्रतियोगिता में बच्चों ने अतिक्रमण, प्रदूषण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ भारत अभियान, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान और स्वस्थ जीवनशैली जैसे ज्वलंत विषयों पर अपनी लेखनी से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया।
“वृक्ष लगाओ भैया, तभी खुश होगी धरा मैया”, “Respect Your Elders”, “Save Water, Save Life” और “Say No to Junk Food” जैसे प्रेरक संदेशों ने साबित किया कि नन्हीं कलमें भी समाज में बड़े बदलाव की प्रेरणा बन सकती हैं।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सुंदर लिखावट, शुद्धता, प्रस्तुतिकरण एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के आधार पर कक्षावार विजेताओं का चयन किया गया। निर्णायक मंडल में प्रियंका साहू, रितिका शर्मा, मानसी मिश्रा एवं सृष्टि सिसोदिया ने विशेष भूमिका निभाई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विमल सिंह, अकादमिक समन्वयक पूजा यादव एवं अक्षय सक्सेना के मार्गदर्शन में आयोजन को सफल बनाने में गुंजन माहेश्वरी, कुसुम रानी, प्रियंका माथुर, प्रियंका गुप्ता, रोशन, सृष्टि अग्रवाल, श्वेता एवं आकांक्षा सहित समस्त विद्यालय परिवार का सराहनीय सहयोग रहा।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक सुधांशु गुप्ता ने कहा, हमारा उद्देश्य केवल सुंदर अक्षर लिखवाना या प्रतियोगिता जितवाना नहीं, बल्कि बच्चों के विचारों में संस्कार, परिवारों में जागरूकता और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भावना जगाना है। यदि एक बच्चे की लेखनी एक परिवार की सोच बदल दे, तो यही शिक्षा की सबसे बड़ी सफलता है।
उन्होंने कहा कि जब कलम में संस्कार और विचारों में जिम्मेदारी हो, तो हर अक्षर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत बन सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के इन संदेशों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखें, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बुजुर्गों के सम्मान और स्वस्थ जीवनशैली को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
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