8:03 am Monday , 12 October 2026
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मंदाकिनी साहित्य मंच के सदस्यों ने सजाई काव्य की महफिल, कवियों ने बांधा समा।

मंदाकिनी साहित्य मंच के तत्वावधान में बृहद काव्य गोष्ठी का आयोजन मदन गुप्ता के आवास पर किया गया। गोष्ठी का संयोजन चमन गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ रश्मिरथी की सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि नंदकिशोर पाठक ने की। संचालन मुशीर अहमद मुशीर ने किया।
ओज के प्रखर कवि आदेश कुमार सिंह ने पढ़ा,
सबके दिल में सदा प्रेम गंगा वहे,
धर्म मजहब में अब ना ही दंगा रहे,
अब मिटा दो सभी नफरती आंधियां
सबके दिल में सदा ही तिरंगा रहे।
कवित्री रश्मिरथी ने पढ़ा,
थोड़ी सी खुशियां थोड़े से अजाब रहते हैं,
मेरी आंखों में मुंफरिंद ख्वाब रहते हैं,
भला कैसे मैं आ सकता हूं तन्हाइयों की जद में,
मेरी कहानियों के किरदार मेरे साथ रहते हैं।
जगपाल जग ने कहा,
हम उस गुलशन में रहते हैं जहां सभी फुलवारी है,
हर फूल पे हिंदुस्तान लिखा है ऐसी शान हमारी है।
रामानंद मिश्रा ने पढ़ा,
मैं जब भी लव वाली कविता पढ़ता हूं,
मां उलट पलट हो जाता है,
मां बरखा से पृष्ठ उलटता है,
अमित अंबर ने पढ़ा,
भाल पर तुलसी ने जब चंदन मला कविता बनी,
सूर का कान्हा लिए लकुटी चला कविता बनी,
मैली चादर ओढ़ कर कबीर दिखा कविता बनी,
वाल्मीकि ने करुण क्रंदन लिखा कविता बनी।
युवा शायर अनीश कल्ब ने पढ़ा,
मजलूम की सदाओं को कम समझ रहे हो,
सब तख्तोताज तुमको हिलता दिखाई देगा।
राष्ट्रवादी विचारधारा के कवि संतोष कुमार सिंह ने पढ़ा,
मध्य धार में नाव चलाना संगर है विश्राम नहीं है,
लक्ष्य प्राप्त कर लेना कोई कापुरुषों का काम नहीं है।
आंचलिक भाषा के कवि सुरेश यादव ने पढ़ा,
चलो हम माफ भी कर दें तुम्हें अपना कह कर,
गर तुमने अपने गिरेबान में देखा होता।
रामनरेश यादव ने पढ़ा,
गुलशन मिला है जहां अत्री जी के धाम में,
सती अनुसूइया लगी अपने शुभ काम में।
मुशीर अहमद मुशीर ने पढ़ा,
गजब तूफान है मेरा घर भी जा सकता है,
सच अगर बोला तो मेरा सर भी जा सकता है।
उर्दू के बड़े शायर अब्दुल बहाव आजाद(आजाद भारती) ने पढ़ा,
आती-जाती हुई सांसों के सिवा क्या?
जिंदगी सोचिए ख्वाबों के सिवा क्या?
कवि शंकरलाल ने पढ़ा।
वह मुझको कुछ नहीं समझता है,
जुगनू को छू लूं मैं तो वह खुद को आफताब समझता है।
वरिष्ठ कवि महेश अग्निमुख में पढ़ा,
तपो भूमि है ऋषि मुनियों की प्रकृति का वरदान है,
सुंदर तम लाखों स्वर्गों से अपना हिंदुस्तान है।

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