बदायूँ। 10 अक्टूबर। गंगा एक्सप्रेस वे बनाने को खोदे गए गड्ढे में डूबकर कैलिहाई गांव के नौजवान आराम कश्यप की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार पहुंच गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव की शिकायत पर एनएचआरसी ने केस दर्ज कर लिया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि आराम कश्यप को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि मानवाधिकार आयोग को भेजी शिकायत में कहा गया है कि गंगा एक्सप्रेस वे को बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में बरसात का पानी भरने से दातागंज तहसील के कैलिहाई ग्राम के युवक आराम कश्यप पुत्र राजपाल कश्यप की विगत 3 अक्टूबर 2026 को डूबकर मौत हो गई। आराम कश्यप भैंस चराने गया था कि पैर फिसलने से गंगा एक्सप्रेस वे को बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया और गड्ढे में बरसात का पानी भरा था जिसमें डूब कर उसकी मौत हो गई। मेरठ से प्रयागराज को बनाया गया 594 किलोमीटर का गंगा एक्सप्रेस वे बदायूँ जनपद से होकर गुजरता है। गंगा एक्सप्रेस वे बनाने को बदायूँ जनपद में अवैध खनन हुआ है । मानक से अधिक गहरे गड्ढे खोदे गए हैं जिनकी गहराई 25 से 30 फीट तक है। बरसात में पानी भर जाने गंगा एक्सप्रेस वे बनाने को खोदे गए गड्ढे जानलेवा हो गए हैं। पिछले वर्षों में भी बदायूँ जनपद में दर्जनों मौतें गंगा एक्सप्रेस वे बनाने को खोदे गए गड्डों में डूबकर हो चुकी हैं। आराम कश्यप की मौत इसका ताजा उदाहरण है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन से आराम कश्यप की गंगा एक्सप्रेस वे बनाने को खोदे गए गड्डों में डूबकर हुई मौत की घटना का संज्ञान लेने । मामले की न्यायिक जांच कराकर दोषियों को दंडित कराने , आराम कश्यप की पत्नी और चार बच्चों के पालन पोषण हेतु एक करोड़ मुआवजा देने और सरकारी नौकरी देने को आवश्यक आदेश पारित करने की मांग की है।
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