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बदायूँ: सरकारी भूमि और रास्ते पर अवैध कब्जे के खिलाफ भाकियू (चढूनी) का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी

बदायूँ | 10 अक्टूबर
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) गुट के जिलाध्यक्ष सतीश साहू के नेतृत्व में बदायूँ के मालवीय आवास गृह पर अवैध कब्जों और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज दूसरे दिन भी कड़े तेवर के साथ जारी रहा। धरने पर बैठे किसानों और नेताओं ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाते हुए सरकारी भूमि को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की पुरजोर मांग की है।
सतीश साहू का बयान:
धरने का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “सरकारी जमीनों, सार्वजनिक रास्तों और नालों पर इस तरह के अवैध कब्जे कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रशासन आँख मूंदकर बैठा है, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अगर जल्द से जल्द पैमाइश कराकर अवैध कब्जे नहीं हटाए गए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
क्या है पूरा मामला?
धरने के दौरान वक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसएनएल कार्यालय के पीछे नई सराय क्षेत्र में स्थित सरकारी जमीन, आठ फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते और मुख्य नाले पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। दिलशाद अब्बासी ने कहा कि तारीख जनाब ने रास्ता बंद करके अस्पताल के पास सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है, वहीं शरीफ अब्बासी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जो मेडिकल संचालित है, वह भी सरकारी जमीन पर बना हुआ है और रास्ते को बंद कर आवागमन बाधित किया जा रहा है।
उत्पन्न हो सकती है जलभराव की गंभीर समस्या
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मुख्य नाले की जमीन पर अवैध निर्माण होने से नाले का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी दिनों में आसपास की कॉलोनियों में गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो जाएगी, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
संगठन की प्रमुख मांगें:
पैमाइश: बीएसएनएल कार्यालय के पीछे स्थित सरकारी जमीन और रास्तों की निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए।
अतिक्रमण मुक्ति: सार्वजनिक रास्ते और मुख्य नाले को तुरंत अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
सख्त कार्रवाई: सरकारी संपत्ति और रास्तों पर कब्जा करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
प्रेमा की भूमि: प्रेमा की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर भगवान दास प्रेमा के नेतृत्व में किसान धरने पर डटे हुए हैं।
प्रमुख रूप से ये लोग रहे मौजूद:
धरना प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष सतीश साहू, बीयीशुदास, लईल अब्बासी, दिलशाद अब्बासी, यादवेंद्र सिंह, नूरुद्दीन, शरीफ, भगवान दास प्रेमा, परवेज, बादशाह, कल्लू, जुबैर, अबरार, सुभान, मुनव्वर, नौशाद इस्लाम रजा, और ताहिर अब्बासी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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