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गज पर माता का आगमन के साथ गज केसरी योग देगा संसार को समृद्धि: राजेश कुमार शर्मा

गज पर माता का आगमन के साथ गज केसरी योग देगा संसार को समृद्धि: राजेश कुमार शर्मा

हर साल शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है, लेकिन इस बारआपको एक दिन ज्यादा नजर आ सकता है। वर्ष 2026 के शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेंगे। यानी इस बार नवरात्र का पर्व कुल 10 दिनों का माना जा रहा है। इस बार अष्टमी का प्रभाव दो दिनों तक रहने के कारण नवरात्र की अवधि बढ़ रही है।

हाथी (गज) पर आएंगी माता

इस बार मां भगवती का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं में हाथी पर माता के आगमन को शुभ संकेत और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। वहीं माता की विदाई यानी गमन मुर्गे पर माना जा रहा है। परंपरागत मान्यताओं में मुर्गे पर गमन को अशांति से जोड़कर देखा जाता है। सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. राजेश कुमार शर्मा के अनुसार प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से प्रारंभ होकर रात्रि 9:32 तक रहेगी।

कौन-कौन से बनेंगे शुभ योग

पं राजेश कुमार शर्मा बताते हैं इस शारदीय नवरात्रि में गजकेसरी योग जो कि 58 वर्ष बाद प्राप्त हो रहा है, इसी के साथ शश राज योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग गुरु और सूर्य का शुभ संयोग जिन्होंने इस नवरात्र को और विशेष बना दिया है।

कलश स्थापना का शुभ समय

पंडित राजेश कुमार शर्मा के अनुसार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए प्रातः 6:17 बजे से 10:10 बजे तक का समय शुभ माना जा रहा है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:36 से 12:23 तक रहेगा।

महाअष्टमी का व्रत कब?

इस साल महाअष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर को रखा जाएगा। इसी दिन निशा पूजा भी की जाएगी। अष्टमी तिथि बढ़ने के कारण इसका प्रभाव दो दिनों में रहेगा। महाअष्टमी व्रत रखने वाले श्रद्धालु 19 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 55 मिनट के बाद व्रत का पारण कर सकेंगे।

कन्या पूजन का समय?

इस बार नवमी तिथि में कन्या पूजन 19 अक्टूबर को प्रातः 10:32 के बाद किया जा सकेगा। इसके अलावा 20 अक्टूबर को प्रातः 9:32 तक भी कन्या पूजन किया जा सकता है।

विजयादशमी कब?

20 अक्टूबर को सुबह नवमी रहने के बाद दशमी तिथि शुरू होगी। दोपहर के समय श्रवण नक्षत्र से युक्त दशमी मिलने के कारण इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा भी मनाया जाएगा। इस तरह 11 अक्टूबर को कलश स्थापना से शुरू हुआ शारदीय नवरात्र 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ पूरा होगा।

ज्योतिषाचार्य पं.राजेश कुमार शर्मा
मणिनाथ धाम नाथ नगरी बरेली

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