आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने… नाना पाटेकर नहीं रहे।
गोवा में 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन, 45 मिनट तक चला CPR।
बदायूं 8 अक्टूबर ।
कल शाम तक ये सिर्फ फिल्म क्रांतिवीर का डायलॉग था, आज सुबह सच्चाई बन गया। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (75) का 8 अक्टूबर सुबह 5:20 बजे गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर निधन हो गया।
मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि नाना को बेहोशी की हालत में लाया गया था। डॉक्टरों ने 45 मिनट तक लगातार CPR किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। रात 2:30 बजे उन्होंने अपने दोस्त को मैसेज कर तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी।
क्रांतिवीर से उदय शेट्टी तक-
1951 में मुरुड-जंजिरा में जन्मे नाना ने 13 साल की उम्र में सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करके घर चलाया। ‘गमन’ (1978) से शुरू हुआ सफर ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’ के लिए 3 नेशनल अवॉर्ड और 2013 में पद्मश्री तक पहुंचा।
रियल लाइफ के कैप्टन-
1988 में टेरिटोरियल आर्मी में कैप्टन, कारगिल युद्ध में मोर्चे पर जवानों का हौसला बढ़ाया, बाद में लेफ्टिनेंट कर्नल बने। किसानों के लिए 1.5 करोड़ की गाड़ी छोड़कर चेक बांटे और ‘नाम फाउंडेशन’ बनाया।
आज वो अड़ियल क्रांतिवीर चला गया, लेकिन ईमानदारी और सादगी की बात होगी तो नाना का नाम सबसे ऊपर रहेगा।
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