बदायूं
धर्मेंद्र कश्यप के तेवर से बढ़ी सियासी हलचल, BJP से दूरी के संकेत; बोले- समर्थकों से बैठक के बाद लूंगा अगला फैसला
केशव गुप्ता
बरेली/आंवला। आंवला लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे भाजपा नेता धर्मेंद्र कश्यप के ताजा बयान ने जिले की सियासत में हलचल तेज कर दी है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद नाराजगी के संकेत दे चुके कश्यप ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर बड़ा संकेत दिया। हालांकि उन्होंने किसी पार्टी में जाने की घोषणा स्पष्ट रूप से नहीं की, लेकिन उनके बयानों से भाजपा से दूरी की अटकलों को जरूर बल मिला है।
दरअसल, भाजपा की ओर से बरेली से राज्यसभा के लिए कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व सांसद संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने अपने फेसबुक पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखकर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी थी। इसके बाद बुधवार को मीडिया से बातचीत में उनके तेवर ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया।
पोस्टर को लेकर सवाल पर दिया इशारों में जवाब
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि उनके कार्यालय या आसपास भाजपा का एक भी पोस्टर नजर नहीं आ रहा है, तो धर्मेंद्र कश्यप मुस्कुराते हुए बोले—”निश्चित ही मानिए…” उनके इस जवाब को भाजपा से दूरी बनाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
समर्थकों की बैठक के बाद होगा अगला फैसला
राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर कश्यप ने कहा कि उनके समर्थकों की संख्या काफी है। वह समर्थकों की बैठक बुलाएंगे और बैठक के बाद आगे क्या कदम उठाना है, यह तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला फैसला सभी के सामने होगा।
सपा में जाने के सवाल पर साधी चुप्पी
जब उनसे समाजवादी पार्टी में जाने और अखिलेश यादव के साथ जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि “सब लोग जैसा निर्णय लेंगे”। उनके इस बयान से सियासी गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राज्यसभा को लेकर बोले- मेरा कोई मतलब नहीं
राज्यसभा का टिकट न मिलने की नाराजगी से जुड़े सवाल पर धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि “राज्यसभा से अपना कोई मतलब ही नहीं है।” हालांकि उनके हालिया सोशल मीडिया पोस्ट और अब सामने आए बयानों को जोड़कर देखा जाए तो राजनीतिक जानकार इसे टिकट को लेकर पैदा हुई नाराजगी से जोड़कर देख रहे हैं।
बेटी की राजनीति पर भी दिया बड़ा बयान
बेटी को टिकट मिलने के सवाल पर कश्यप ने कहा कि “टिकट जहां से चाहेंगे वहां से मिलेगा।” उनके इस बयान ने भी राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
धर्मेंद्र कश्यप वर्ष 2014 और 2019 में आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब उनके ताजा बयानों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह भाजपा में बने रहते हैं या समर्थकों की बैठक के बाद कोई नया राजनीतिक रास्ता चुनते हैं। फिलहाल उन्होंने अपने अगले कदम का फैसला समर्थकों की बैठक के बाद लेने की बात कही है।
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