बदायूं में आशा-संगिनी कार्यकर्ताओं का CMO कार्यालय पर हल्ला बोल: मानदेय में बढ़ोतरी न होने पर जताया आक्रोश, 50% बढ़ोतरी की मांग।
बदायूं 7 अक्टूबर ।
अपनी मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
आंगनबाड़ी और पंचायत सहायकों का बढ़ा, हमारा नहीं, धरने पर बैठी कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी और पंचायत सहायकों के मानदेय में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है, लेकिन आशा और संगिनी के मानदेय में वृद्धि को लेकर अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है। इससे उनमें भारी नाराजगी है।
संगठन की जिला अध्यक्ष सुधा रानी ने कहा कि आशा और संगिनी स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन किया जा चुका है, फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
सरकार को आशा-संगिनी की समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ये मांगें उठाईं – संगिनी का मानदेय 30 दिन का किया जाए। सुपरविजन विजिट का भुगतान 300 से बढ़ाकर 700 रुपये किया जाए।
आशाओं का मानदेय 21 हजार और संगिनी का मानदेय 26 हजार रुपये किया जाए।
मोबाइल रिचार्ज 250 से बढ़ाकर 350 रुपये किया जाए।
ई-कवच के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाए। सीएचसी-पीएचसी पर आशाओं के ठहरने के लिए अलग कमरा निर्धारित किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने मृत्यु की स्थिति में आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता देने, भुगतान में कटौती की स्थिति में लिखित सूचना देने तथा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की भी मांग उठाई।
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