VeenaShri *रिश्तों के बाज़ार में ...💞* स्वार्थ का मेला रह गया.... भीड़ है लाखों की मगर दिल अकेला रह गया... दिखावा करने वाले ले गए, अपनेपन का खिताब... और, शिद्दत से चाहने वाला हर इंसान बस अकेला ही रह गया..!❤️‍🩹