जिस सूची का बदायूं को बेसब्री से इंतजार था, उसने जिले की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा का दोबारा राज्यसभा न पहुंचना जिले के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उनकी जगह आंवला से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा का टिकट देकर भाजपा ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं।
बीएल वर्मा को टिकट न मिलने की खबर आते ही उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। उझानी की जनता में भी निराशा है। पार्टी के प्रति उनके समर्पण और मेहनत को देखकर सभी को आस थी कि श्री वर्मा दोबारा राज्यसभा जाकर बदायूं जिले का मान बढ़ाएंगे। मगर केंद्रीय समिति ने ऐसा नहीं किया। हालांकि चर्चा है कि हो सकता है भाजपा नेतृत्व ने बीएल वर्मा के लिए कुछ और बड़ा सोच रखा हो।
वहीं दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी भी अपने मुंह से कह रहे थे कि अगर सपा सुप्रीमो उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाते हैं तो देखा जाएगा। लेकिन सपा के सूत्र बताते हैं कि उनकी दावेदारी का कहीं अता-पता ही नहीं था। ऐसे में उनका भी राज्यसभा तक पहुंचने का सपना टूट गया।
कुल मिलाकर सियासी लिहाज से बदायूं वासियों के लिए आज का सोमवार शुभ नहीं रहा।
[4:17 PM, 10/5/2026] Rajesh Varshney Mk Ujh: अब देखिए
[4:18 PM, 10/5/2026] Rajesh Varshney Mk Ujh: बदायूं की सियासत में ब्रेक: बीएल वर्मा और सलीम शेरवानी की राज्यसभा दावेदारी पर विराम, चर्चाओं का बाजार गर्म।
बदायूं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बदायूं की सियासत में सोमवार को अचानक भूचाल आ गया। जिले के दो सबसे बड़े चेहरों की राज्यसभा जाने की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है।
एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी खेमे से बदायूं से पांच बार सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी के नाम की पूरे जिले में जोरदार चर्चा थी, लेकिन दोनों ही दलों ने अपने पत्ते खोलते हुए इन दोनों दिग्गजों को किनारे कर दिया।
भाजपा ने UP के लिए 8 प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमें आंवला से कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल समेत 8 नाम हैं, लेकिन बदायूं के लाल बीएल वर्मा का नाम इस लिस्ट से गायब है। वर्तमान में राज्यसभा सदस्य और केंद्र में मंत्री होने के बावजूद उनका पत्ता कटना उझानी-बदायूं के कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा झटका है।
वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी में तीसरे उम्मीदवार के तौर पर सलीम इकबाल शेरवानी का नाम पिछले 3 दिनों से सपा खेमे में सबसे ज्यादा उछल रहा था, लेकिन सपा सुप्रीमो ने भी अभी तक उनके नाम पर मुहर नहीं लगाई है। सूत्रों की मानें तो सपा की तीसरी लिस्ट में भी उनका नाम कहीं दूर-दूर तक नहीं है।
दोनों ही नेताओं का बदायूं की मिट्टी से गहरा नाता है। एक केंद्र में मंत्री, दूसरा पांच बार सांसद और केंद्र में मंत्री रहा। ऐसे में दोनों का एक साथ सीन से आउट होना स्थानीय चाय की दुकानों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का सबसे हॉट टॉपिक बना हुआ है।
राज्यसभा नामांकन की प्रक्रिया जारी है, अंतिम तस्वीर आना बाकी है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि बदायूं के इन दो धुरंधरों के बिना राज्यसभा की लड़ाई बदायूं वासियों को रास नहीं आ रही।
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