राष्ट्रीय मानक सेवा संस्थान ट्रस्ट रजिस्टर्ड भारत नें 4 अक्टूबर को पशुओं के हित में विश्व पशु दिवस बरेली में मनाया राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने बताया मानव जीवन में पशुओं का बहुत बड़ा महत्व है पशुओं से पोषण, सुरक्षा के साथ-सा मनुष्य का अकेलापन भी दूर होता है पालतू पशु गाय भैंस घोड़ा बकरी कुत्ता गधा, खच्चर, भैंस,बैल जो कि समझदार पशु कहलाए जाते हैं इसे यातायात, सुरक्षा, दुग्ध आदि पोषण मनुष्य को मिलता है यह सारे जानवर मनुष्य पर निर्भर है और मनुष्यों की देखरेख में रहते हैं उनके दुख सुख का संबंध हम मनुष्य के साथ है हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके साथ प्रेम पूर्वक व्यवहार करें खाने-पीने की व्यवस्था करें और खिलाई पिलाई जिससे यह हमारे प्रति वफादार रही इनके साथ क्रूरता का व्यवहार करना, अत्याचार करना बेवजह मारना पीटना हत्या करना अपराध की श्रेणी में आता है जंगली पशु शेर भालू बंदर हाथी हिरण चीता तेंदुआ सांप पतंग जो की जानलेवा हमला करते हैं इनकी भी सुरक्षा वन विभाग द्वारा की जाती है अगर ऐसा जानवर आवासीय क्षेत्र में आता है तो अपने आप को सुरक्षित रखते हुए विभाग को सूचना के आधार पर समाधान संभव है इनके साथ मारपीट करना अपराध है पशु संरक्षण से जुड़े कानून को समझना भी बहुत जरूरी है संवेदनशीलता समाज में यह चेतना लाना है कि पशुओं में भी प्राण और भावनाएं होती हैं उन्हें भी जीने का और सम्मान का हक सरकार द्वारा प्राप्त राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल ने पशुओं के प्रति प्रेम की भावना प्रकट करते हुए विश्व पशु दिवस के विषय में अवगत कराया विश्व पशु दिवस की शुरुआत जर्मन लेखक आर प्रकाशन हेनरिक जिमरमैन द्वारा की गई पशु विश्व दिवस को 1931 में इटली के फ्लोरेंस शहर में से अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली संरक्षक लुप्तप्राय प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवास जंगलों की रक्षा करना सुनिश्चित हुआ पशुओं के प्रति प्रेम, सुरक्षा, संरक्षण एवं सद्भावनाये ही विश्व पशु दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य पशु विश्व दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानक सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया, राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश मेहंदीरत्ता, राकेश कुमार मौर्य, संरक्षक जे. आर गुप्ता रामकिशोर आदि लोग मौजूद रहे
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