8:52 am Sunday , 4 October 2026
BREAKING NEWS

आपकी एनर्जी तथा आभामंडल – Jaya Kishori


Jaya
Jaya Kishori
आपकी एनर्जी तथा आभामंडल (औरा) कैसे जानें

1. सूर्य की तरफ पीठ करके खड़े हो जाएं।* आकाश की
और देखना आरंभ करें। स्वयं से करीब 5 फीट की दूरी
पर दृष्टि टिका दें। अपलक देखें। कुछ क्षणों में वहां
अनगिनत चमकदार पुच्छल तारे से चलते दिखने लगेंगे।
एकटक देखते रहें। कुछ देर के उपरांत उनकी पूछ गायब हो
जाएगी। तब वे चांदी की तरह चमकते बिन्दू
दिखने लगेंगे। यही है प्राण दायी शक्ति। इसे
जितना अधिक देखेंगे। यह उतनी ही आपकी
और आकर्षित होगी ओर आपका कहना
मानेगी। सो बारंबार अभ्यास करते रहें।

2. किसी भी सफेद दीवार के सामने खड़े हो जायें
एक हाथ का अंगूठा सीधा करके दीवार की
और उठा लें। जैसे दीवार को अंगूठा दिखा रहे
हों। अंगूठे पर किसी एक स्थान पर अपनी दृष्टि टिका दें।
अपलक देखें। कुछ ही देर में अंगूठे के पीछे से रोशनी
सी आती प्रतीत होगी। ऐसा लगेगा जैसे अंगूठे की
ऊपरी सतह पर चारों तरफ चमकदार रिंग बन गई है।
जितना अधिक देखेंगे, रिंग उतनी ही अधिक
चमकदार व मोटी होती जाएगी। एक समय
ऐसा आएगा जब अंगूठा दिखना बंद हो
जाएगा। उसकी जगह प्रकाश ही दिखेगा। यह
आपके शरीर में एनर्जी की पहली परत है। ऐसी *49*
पर्तें होती हैं। जो व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख तय
करती हैं। इनसे आप किसी की भी एनर्जी पढ़
सकते हैं। इन्हें देखने का अधिक से अधिक
अभ्यास करें

3. किसी बड़े दर्पण के समक्ष खड़े हो जायें।* कक्ष
में रोशनी कम हो। वस्त्र भी कम पहने हों तो
अधिक अच्छा है। स्वयं को दर्पण में अपलक देखें।
दायें कंधे पर दृष्टि टिका दें। लगातार देखते रहें। कुछ ही
पलों के उपरांत आपको अपने शरीर से प्रकाश
निकलता नजर आएगा। यही आपका आभमंडल
यानी *Aura* है। शुरुआत में यह आपको पीला या
सफेद दिखेगा। एक समय ऐसा आएगा जब दर्पण में
सिर्फ रोशनी ही दिखेगी शरीर नहीं। अधिक
अभ्यास के उपरांत यह रंगीन दिखने लगेगा। हीलर के
लिए इसका अभ्यास बहुत अधिक आवश्यक है। इसी अभ्यास
से आप दूसरों का (*औरा*) आभामंडल भी देख सकते हैं। इसे
देखकर आप किसी की भी रोग का पता लगा सकते हैं।

4. इसी तरह आप* *चांदनी रात में चंद्रमा का* *और*
पेड़ पौधों का* (*औरा*) आभामंडल देखने का अभ्यास करें।
छाया में पौधों की पत्तियों की एनर्जी भी
इसी तरह देखें। इससे हीलिंग पावर बढ़ती है। और
पेड़-पौधों से टेलीपैथी करके उनसे बात करने की
क्षमता जाग्रत हो जाती है।
अभ्यास करते रहें। इस अभ्यास से आपके चेहरे पर
दिव्य चमक बढ़ने लगेगी, आपके भीतर की
शक्तियां जगने लगेंगी। आपको लगने लगेगा कि
अनोखे संसार के दरवाजे आपके खुल रहे हैं

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.