सहसवान में भाकियू टिकैत की पंचायत, फसल नुकसान के सर्वे और कर्ज वसूली स्थगन की मांग
सहसवान, 3 अक्टूबर। अधिक बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने और किसानों की कर्ज वसूली स्थगित करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को सहसवान तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की पंचायत आयोजित हुई। पंचायत के बाद तहसीलदार को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। पंचायत की व्यवस्था तहसील अध्यक्ष पप्पू यादव ने की।
पंचायत की अध्यक्षता श्रीपाल मुखिया ने की, जबकि संचालन चंद्रपाल यादव ने किया। किसानों ने कहा कि हाल की बारिश से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है। उनका दावा है कि कई क्षेत्रों में धान की फसल गिरने से नुकसान हुआ है और तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए। हाल के दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी भाकियू सहित किसान संगठनों ने बारिश से प्रभावित फसलों के सर्वे और मुआवजे की मांग उठाई है। Amar Ujala
किसानों ने कहा कि राजस्व लेखपालों के धरने के बीच फसल सर्वे का काम प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि यदि नियमित राजस्व कर्मचारियों से सर्वे संभव नहीं है तो वैकल्पिक व्यवस्था कराकर तत्काल फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू कराया जाए, ताकि किसानों को मुआवजा मिलने में देरी न हो।
छह सूत्रीय मांगों में उठाए कई मुद्दे
ज्ञापन में किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराने, कर्ज वसूली स्थगित करने, खतौनियों में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।
किसान नेताओं ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि कुछ गौशालाओं में पशुओं को पर्याप्त चारा एवं सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने गौशालाओं की व्यवस्थाओं की जांच कराने और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सहसवान तहसील क्षेत्र के धापड़ गांव में वन विभाग और ग्रामीणों की भूमि से जुड़े विवाद का मुद्दा भी पंचायत में उठाया गया। किसानों ने राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम से जमीन का सीमांकन कराने की मांग की, ताकि विवाद का समाधान हो सके।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल पोषाहार वितरण, ग्राम सभाओं में पेड़ों की नीलामी और कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को भी किसान नेताओं ने उठाया। उन्होंने अधिकारियों से इन मामलों की जांच कराने की मांग की।
किसान नेताओं ने उझानी तहसील के कुआंडांडा गांव में पेड़ों की नीलामी से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि पेड़ों का कम कीमत पर नीलाम किया गया। इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
पंचायत में किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे भी प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें उठाता रहेगा।
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com