बदायूं में सपा सांसद आदित्य यादव की प्रेस वार्ता, चुनाव आयोग से लेकर स्थानीय मुद्दों तक उठाए सवाल
बदायूं। समाजवादी पार्टी के बदायूं सांसद आदित्य यादव ने प्रेस वार्ता कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण ताकत है और इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस्तीफा नहीं होता है तो विपक्षी दलों की ओर से आंदोलन जारी रखा जाएगा। चुनाव आयोग को लेकर आदित्य यादव के बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अलग विषय है।
आदित्य यादव ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदे के कथित गबन के मामले को भी प्रेस वार्ता में उठाया। उन्होंने ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों को लेकर सवाल किए और मामले की जांच की मांग की। इससे पहले जुलाई 2026 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए थे। उन्होंने बदायूं में रामलीला आयोजन की अनुमति से जुड़े रिश्वत के आरोप का भी उल्लेख किया। इस मामले में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रामलीला की अनुमति के लिए एक कर्मचारी पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है और जिलाधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। आरोपों की जांच अभी महत्वपूर्ण है।
गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल
सांसद ने बदायूं की गौशालाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों और सरकार पर सवाल किए। उन्होंने गौवंश की मौत और उनके अवशेषों को लेकर गंभीर आरोप लगाए तथा जांच की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है।
कादरचौक क्षेत्र के वायरल वीडियो का मामला
आदित्य यादव ने कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव में जलते घर के साथ युवती का वीडियो वायरल होने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच स्थानीय थाने के बजाय किसी अन्य थाने की पुलिस से कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में कानून की धाराओं का इस्तेमाल निर्दोष लोगों को बचाने के बजाय प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने के लिए किया जा रहा है। इन दावों की जांच संबंधित पुलिस/प्रशासन द्वारा किया जाना आवश्यक है।
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