Jaya
Jaya Kishori
1. बुरे विचारों, दृष्टि और वाणी से दूर रहें
2. अच्छा बनें, अच्छा करें, अच्छा देखें
मनुष्य को इस बात का बहुत ध्यान रखना चाहिए कि उसकी इंद्रियाँ भटक न जाएँ और अपराध न करें।
बुरे विचार रखना, बुरा बोलना और बुरा देखना निश्चित रूप से पूर्ण विनाश की ओर ले जाता है।
उदाहरण के लिए, महाभारत में दुर्योधन के मन में पांडवों के प्रति सदैव बुरे विचार रहते थे और अंततः उसने अपने पूरे परिवार का विनाश कर दिया।
जब पांडव विराट राजा के महल में अज्ञातवास में रह रहे थे, तब कीचक ने द्रौपदी पर बुरी दृष्टि डाली और उसे अपने जीवन से इसकी कीमत चुकानी पड़ी।
रामायण में कैकेयी की कथा है, जिसने मंथरा की बुरी सलाह सुनी और इस कारण न केवल अपने पति को खो दिया, बल्कि अपने ही पुत्र भरत का सम्मान और प्रेम भी खो दिया।
आज कोई भी इन कुख्यात पात्रों — दुर्योधन, कीचक या रावण — के नाम से जाना जाना पसंद नहीं करता!
यद्यपि इन नामों को पसंद नहीं किया जाता, फिर भी उनसे जुड़ी बुरी प्रवृत्तियों को मानवजाति ने अभी तक नहीं छोड़ा है!
बुरे विचारों, बुरी दृष्टि, दुष्ट वाणी तथा बुरी सलाह और निंदापूर्ण बातों को सुनने के लोभ को त्यागने का प्रयास करें।
दिव्य प्रवचन
अच्छे बनें, अच्छा करें, अच्छा देखें। यही भगवान तक पहुँचने का मार्ग है
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