Kaveri Gupta मेरे सीने को भी अब तेरे सर की आदत सी हो गई है मेरे हाँथों को तेरी ज़ुल्फोँ से चाहत सी हो गई है मेरे होंठ मचल जाते है जब तेरे लबों के क़रीब आते है मेरी सांसो को तेरी सांसों से महोब्बत हो गई है 💞