बदायूं आज दिनांक 2 अक्टूबर 2026 को संस्कृत महाविद्यालय वेदामऊ वैदिक विद्यापीठ बदायूं में स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157 बा जयंती एवं भारत देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न प्राप्त श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 122 ई जयंती के शुभ अवसर पर विद्यालय के संस्थापक एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान आचार्य वेद व्रत आर्य जी की अध्यक्षता में राष्ट्र रक्षा यज्ञ के साथ प्रारंभ हुआ इसके बाद अध्यक्ष महोदय जी के कर कमल द्वारा ध्वजारोहण किया गया इसके उपरांत महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के विग्रह पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सत्य अहिंसा सादगी एवं देश सेवा के लिए किए गए कार्यों एवं उनके आदर्शों को स्मरण किया गया विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया गया इस शुभ अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता आचार्य श्री शिव सिंह यादव जी ने भारत देश की दोनों महान विभूतियां के साधारण जीवन एवं उनके आदर्शों उनकी सादगी के बारे में विस्तार से अपने विचारों को रखा विद्यालय के व्याकरण विभाग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार गुप्तजी ने अपने वक्तव्य के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान नेता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले तथा स्वदेशी स्वच्छता आत्मनिर्भरता के बारे में विस्तार से प्रकाश डालकर देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न प्राप्त जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में विस्तार से अपने विचारों को रखा इस शुभ अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य वेद मित्र आर्य जी ने देश के दोनों महान नेताओं के प्रति अपने उदगार प्रकट करते हुए कहा कि दोनों महान नेता अपने-अपने कार्य क्षेत्र के लिएक विशेष पहचान रखते थे चाहे वह सत्य अहिंसा के पुजारी हो या अपनी सादगी ईमानदारी और देश प्रेम के लिए जाने जाते हो देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए सत्य अहिंसा रूपी दो अस्त्रों को प्रदान किया दूसरे महापुरुष ने कृषि प्रधान देश में जय जवान जय किसान का नारा दिया ऐसे महान नेताओं के गुना काअनुसरण करते हुए अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहना चाहिए इस प्रकार उन्होंने अपने विचारों को विस्तार से साझा किया छात्र एवं छात्राओं को अपना शुभ आशीर्वाद दिया सभा में उपस्थित अभिभावकों का आभार प्रकट किया इस अवसर पर कार्यक्रम कीअध्यक्षता कर रहे हैं विद्यालय के संस्थापक एवं संस्कृतके प्रकांड विद्वान आचार्य श्री वेद व्रत आर्य जी ने दोनों महान नायको के प्रति अपने उदगार प्रकट करते हुए कहा कि गांधी जी का साधारण जीवन एवं उनके आदर्श ने मानव के इतिहास की दिशा को ही बदल दिया था उनके साहस स्वच्छता उनकी सादगी उनका स्वदेश प्रेम अंतोदय उनकी आत्मनिर्भरता आदि बड़े परिवर्तन के वाहक बने थे उन्होंने कहा किसत्य अहिंसा की राह पर जो चलते हैं उनके कदम हमेशा मजबूत रहते हैं हमें अपनी जड़ों में जुड़े रहकर ही सही अर्थों में स्वदेशी आत्मनिर्भरता और स्वावलंबी बन सकते हैं असाधारण सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति जवानों और किसानों को राष्ट्र नायक बनानेवाले जय जवान जय किसान के महामंत्र से देश को शौर्य और श्रम को एकाकार करने वाले देश को हरित क्रांति की राह पर दिखने वाले तथा भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न प्राप्त करने वाले युग पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन चरित्र को विस्तार से समझाते हुए तथा उनके आदर्शों पर चलकर देश की सेवा में निरंतर लगे रहकर हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहना चाहिए इस प्रकार उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से अपने विचारों को विस्तार से साझा किया तथा हम सभी को अपना आशीर्वाद दिया इस शुभ अवसर पर विद्यालय की कुमारी सृष्टि शर्मा कुमारी बेबी कुमारी खुशी कुमारी पोयम सिंघल आदि ने देश के दोनों महापुरुषों के बारे में अपने विचारों को प्रस्तुत किया तथा इन महापुरुषों के विचारों को अपने जीवन में अप ना ने का संकल्प लिया कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं छात्र उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के व्याकरण विभाग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार गुप्त जी ने किया शांति पाठ के उपरांत कार्यक्रम संपन्न हुआ
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