5:49 pm Friday , 2 October 2026
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उझानी: एस्सेल स्कूल में गांधी-शास्त्री जयंती पर गूंजा – हम बदलेंगे तभी भारत बदलेगा

उझानी: एस्सेल स्कूल में गांधी-शास्त्री जयंती पर गूंजा – हम बदलेंगे तभी भारत बदलेगा।

उझानी, बदायूं 2 अक्टूबर ।

एस्सेल ओडियन पब्लिक स्कूल में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बड़े उत्साह से मनाई गई। बच्चों ने भाषण और कविताओं के जरिए सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

प्रबंध निदेशक सुधांशु गुप्ता ने कहा कि आज हम दो महापुरुषों की जयंती नहीं, सत्य, अहिंसा, सादगी, साहस और कर्तव्य का उत्सव मना रहे हैं। गांधी जी ने बदलाव की शुरुआत खुद से करने की सीख दी, तो शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का मंत्र दिया।

उन्होंने कहा कि देश जवानों का सम्मान करता है, लेकिन अन्नदाता किसान का सम्मान रोज के व्यवहार में दिखना चाहिए। थाली में अन्न का एक दाना भी व्यर्थ न जाए, यही किसान के परिश्रम का सच्चा सम्मान है।

विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया – बहाने नहीं प्रयास करेंगे, बातें नहीं बदलाव करेंगे, हर दिन खुद को 1% बेहतर बनाएंगे।

प्रतिभाओं को मिला सम्मान-
प्रभावशाली प्रस्तुति पर पुरस्कार दिए गए
प्रथम पुरस्कार – कृष्णा, अग्रिमा, गार्गी, भूमि, अक्षिता, मानवी।
द्वितीय पुरस्कार – तन्मय कुमार, अन्वी, उरूज फातिमा, राधिका, आदित्या, मदीहा को मिला।
वहीं तृतीय पुरस्कार – कैरव, डिंपल, काव्या, ऋषिका, अदिति, श्रुति ने जीता।
सांत्वना पुरस्कार -आहिल, अवंतिका, ज़रीन, नेहा, आध्या, अभिषेक को मिला। सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विमल सिंह, ऑफिस कोऑर्डिनेटर अक्षय सक्सेना, एकेडमिक कोऑर्डिनेटर पूजा यादव के साथ गुंजन, प्रियंका साहू, रितिका शर्मा, कुसुम, मानसी, सृष्टि सिसौदिया, रोशन, सृष्टि अग्रवाल, श्वेता, प्रियंका माथुर, कशिश, प्रियांशी, मेघा, कशक, लवी, अनामिका, हिमांशी और सोनी का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम का समापन जय हिंद, जय भारत और जय जवान-जय किसान के उद्घोष के साथ हुआ।।

उझानी, बदायूं 2 अक्टूबर ।

एस्सेल ओडियन पब्लिक स्कूल में शुक्रवार, 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बड़े उत्साह से मनाई गई। बच्चों ने भाषण और कविताओं के जरिए सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।

प्रबंध निदेशक सुधांशु गुप्ता ने कहा कि आज हम दो महापुरुषों की जयंती नहीं, सत्य, अहिंसा, सादगी, साहस और कर्तव्य का उत्सव मना रहे हैं। गांधी जी ने बदलाव की शुरुआत खुद से करने की सीख दी, तो शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का मंत्र दिया।

उन्होंने कहा कि देश जवानों का सम्मान करता है, लेकिन अन्नदाता किसान का सम्मान रोज के व्यवहार में दिखना चाहिए। थाली में अन्न का एक दाना भी व्यर्थ न जाए, यही किसान के परिश्रम का सच्चा सम्मान है।

विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया – बहाने नहीं प्रयास करेंगे, बातें नहीं बदलाव करेंगे, हर दिन खुद को 1% बेहतर बनाएंगे।

प्रतिभाओं को मिला सम्मान-
प्रभावशाली प्रस्तुति पर पुरस्कार दिए गए
प्रथम पुरस्कार – कृष्णा, अग्रिमा, गार्गी, भूमि, अक्षिता, मानवी।
द्वितीय पुरस्कार – तन्मय कुमार, अन्वी, उरूज फातिमा, राधिका, आदित्या, मदीहा को मिला।
वहीं तृतीय पुरस्कार – कैरव, डिंपल, काव्या, ऋषिका, अदिति, श्रुति ने जीता।
सांत्वना पुरस्कार -आहिल, अवंतिका, ज़रीन, नेहा, आध्या, अभिषेक को मिला। सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।


कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विमल सिंह, ऑफिस कोऑर्डिनेटर अक्षय सक्सेना, एकेडमिक कोऑर्डिनेटर पूजा यादव के साथ गुंजन, प्रियंका साहू, रितिका शर्मा, कुसुम, मानसी, सृष्टि सिसौदिया, रोशन, सृष्टि अग्रवाल, श्वेता, प्रियंका माथुर, कशिश, प्रियांशी, मेघा, कशक, लवी, अनामिका, हिमांशी और सोनी का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम का समापन जय हिंद, जय भारत और जय जवान-जय किसान के उद्घोष के साथ हुआ।

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