बिल्सी। अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित आर्य समाज मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वृद्धजनों का सम्मान कर उनके प्रति सेवा, सम्मान और अपनत्व का भाव बनाए रखने का संकल्प लिया गया। आचार्य संजीव रूप ने कहा कि वृद्ध माता-पिता और बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव, संस्कार और परंपराएं नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करती हैं। जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान और सेवा होती है, वहां संस्कार और सद्भाव मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि वृद्ध दिवस केवल एक दिन बुजुर्गों के सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि पूरे वर्ष उनके प्रति प्रेम, सेवा और अपनत्व का भाव रखने का संकल्प लेने का दिन है। हमें वृद्धजनों को समय में मौजूद लोगों ने वृद्धजनों का सम्मान करने और उनके अनुभवों से सीख लेने का संकल्प लिया।
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