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बदायूं में गोवंश संरक्षण को लेकर जय किसान आंदोलन ने उठाई आवाज, बहुउद्देशीय पशु अभयारण्य बनाने का सुझाव

बदायूं

बदायूं में गोवंश संरक्षण को लेकर जय किसान आंदोलन ने उठाई आवाज, बहुउद्देशीय पशु अभयारण्य बनाने का सुझाव

केशव गुप्ता

बदायूं। जिले में बेसहारा गोवंश की समस्या और उनकी दुर्दशा को लेकर जय किसान आंदोलन ने जिलाधिकारी बदायूं को ज्ञापन सौंपकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस पहल किए जाने की मांग की है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राम बाबू सिंह ने ज्ञापन के माध्यम से जनपद में अनुपयोगी सरकारी भूमि को चिन्हित कर उसे बहुउद्देशीय पशु अभयारण्य के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गोवंश संरक्षण के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं में कमियों के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। संगठन ने सुझाव दिया कि जनपद में उपलब्ध निष्प्रयोज्य/बंजर एवं अनुपयोगी सरकारी भूमि का सर्वे कर उसे तारबंदी अथवा आवश्यकतानुसार गहरी खाई बनाकर सुरक्षित किया जाए।
ज्ञापन के अनुसार ऐसे अभयारण्य में बरगद, पीपल, पाकड़, गूलर, जामुन, बेल, आम सहित अन्य बहुउपयोगी फलदार व छायादार वृक्ष लगाए जाएं, ताकि गोवंश को प्राकृतिक वातावरण, पर्याप्त छाया और भोजन उपलब्ध हो सके। इससे आश्रय स्थलों पर अत्यधिक दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
जय किसान आंदोलन ने यह भी सुझाव दिया कि प्रस्तावित अभयारण्य केवल गोवंश तक सीमित न रहकर प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकता है। संगठन का कहना है कि इससे बंदरों एवं अन्य आवारा पशुओं की समस्या को नियंत्रित करने में भी कुछ हद तक सहायता मिल सकती है तथा भविष्य में फल, औषधीय वनस्पतियों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से अतिरिक्त आय की संभावनाएं बन सकती हैं।
ज्ञापन में जिलाधिकारी से जनपद में ऐसी अनुपयोगी सरकारी भूमि का सर्वे कराकर प्राकृतिक पशु अभयारण्य की व्यवहार्यता का परीक्षण कराने तथा उपयुक्त स्थानों पर इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।

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