, ‘पितृ ऋण’ से मुक्ति को पुत्रों ने दिया पिंडदान।
कछला बदायूं 1 अक्टूबर ।
श्राद्ध पक्ष में बृहस्पतिवार को कछला गंगा घाट पर आस्था का महासंगम देखने को मिला। सुबह 4 बजे से ही मोक्षदायिनी भागीरथी के तट पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए हजारों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण करने पहुंचे।
‘ऊं पितृभ्यो नम:’ के मंत्रोच्चार से पूरा घाट गूंज उठा। हर कोई अपने पितरों को याद कर भावुक दिखा।
बरेली से आए रमेश चंद्र ने बताया – पिता की मौत पर वह विदेश में था, मुखाग्नि तक नहीं दे पाया। आज कछला में पिंडदान करके लगा जैसे पिता का ऋण उतार दिया।
विद्वान आचार्यों के अनुसार श्राद्ध पक्ष में कछला गंगा घाट पर पिंडदान करने से पितरों को सीधे मोक्ष मिलता है। मान्यता है कि यहां किया गया तर्पण गया के बराबर फल देता है।
श्रद्धालुओं ने पहले गंगा में स्नान कर पितरों के नाम तर्पण किया, फिर पंडों के सानिध्य में जौ, तिल, कुश और गंगाजल से पिंडदान किया। इसके बाद 21 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया और गाय, कौए तथा कुत्ते को ग्रास निकालकर पितरों की तृप्ति की कामना की।
घाट पर भीड़ को देखते हुए पुलिस और गोताखोर तैनात किए गए हैं।
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