
बदायूँ: 30 सितम्बर। उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के निर्देशानुपालन में गांधी जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों के संबंध में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का प्रथम चरण 25 सितम्बर से 01 अक्टूबर 2026 तथा द्वितीय चरण 02 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ब्लूमिंग डेल स्कूल, बदायूँ में श्री अंकित रस्तोगी, सिविल जज (सी०डि०)/त्वरित न्यायाधीश/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागतगान एवं नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में जागरूकता संदेश दिया गया।
इस अवसर पर श्री अंकित रस्तोगी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षित एवं संस्कारित होने तथा अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही गुड टच एवं बैड टच के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी अनुचित व्यवहार या घटना की जानकारी अपने विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित व्यक्ति को तत्काल देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण के निर्माण में जन-सहभागिता सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी, बदायूँ में आयोजित शिविर का शुभारंभ माननीय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बदायूँ की अध्यक्षता में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सुश्री रिन्कू, माननीय प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बदायूँ द्वारा छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बचाव, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी अनुचित घटना की जानकारी विश्वसनीय अभिभावक एवं शिक्षक को देने के संबंध में जागरूक किया।
इसके अतिरिक्त कुंवर रूकुम सिंह वैदिक इण्टर कॉलेज में श्री राजवीर सिंह, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (पीए) एक्ट, श्री कृष्ण इण्टर कॉलेज में श्री दिनेश तिवारी, विशेष एक्सक्लूसिव न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, राजकीय इण्टर कॉलेज खुनक में श्रीमती रेखा शर्मा, विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र), राजाराम इण्टर कॉलेज में श्रीमती नुपुर, विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम, राजकीय हाईस्कूल दहेमू, उझानी में सुश्री अनीता प्रथम, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय संख्या-01, मिशन इंग्लिश स्कूल में श्रीमती नीलांजना, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट न्यायालय संख्या-03, टीटी कॉन्वेन्ट स्कूल में श्रीमती नेहा गर्ग, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश (महिलाओं के प्रति अपराध), श्री मोहन सिंह मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल में श्री विकास सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश तथा भगवान परशुराम विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में श्री मोहम्मद तौसीफ रजा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बदायूँ द्वारा कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया गया।
इसी प्रकार होली कॉन्वेन्ट स्कूल में श्रीमती सुमन तिवारी, सिविल जज (सी०डि०), द्रौपदी देवी विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में श्री नावेद मुजफ्फर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, विद्यावती वैदिक कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुश्री निदा जैदी, सिविल जज (जू०डि०), नगर पालिका अशर्फी देवी कन्या इण्टर कॉलेज, उझानी में श्रीमती भारती तायल, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय/पीठासीन अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड, महात्मा गांधी पालिका इण्टर कॉलेज, उझानी में श्री सागर तायल, न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या-01, एनए इण्टर कॉलेज, बिल्सी में श्री अखिलेश पटेल, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय बिल्सी, राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज, दातागंज में श्री हेमेन्द्र सिंह, सिविल जज (जू०डि०), वनस्थली विद्यालय उझानी रोड में सुश्री जयेती चन्द्रा, प्रथम अपर सिविल जज (सी०डि०), मदनलाल इण्टर कॉलेज, बिसौली में सुश्री शैफाली चन्द्रवंशी, सिविल जज (जू०डि०), बिसौली तथा पं. जवाहर लाल इण्टर कॉलेज, कुँवरगाँव में सुश्री सदफ इमरान, सिविल जज (जू०डि०)/त्वरित न्यायाधीश, बदायूँ द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों की जानकारी प्रदान की। साथ ही लैंगिक अपराधों से बचाव, व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान तथा किसी भी अनुचित घटना की जानकारी विश्वसनीय व्यक्ति को देने के संबंध में जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को इंटरनेट का सुरक्षित एवं उचित उपयोग करने तथा फेसबुक, इंस्ट्राग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सकारात्मक दिशा में प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें अश्लील सामग्री से दूरी बनाए रखने, अच्छी शिक्षा ग्रहण करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय, बदायूँ के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक तथा संबंधित विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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