कछला: नवीन PHC रामभरोसे – प्रसव पीड़ा से 1 घंटे तड़पती रही गर्भवती, नर्सें गायब, अधीक्षक ने किया रैफर।
कछला (उझानी, बदायूं) 30 सितंबर ।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नंगा सच एक बार फिर कछला नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दिखा। प्रसव के लिए आई गर्भवती महिला डेढ़ घंटे तक बेंच पर तड़पती रही, स्टाफ नर्स का कहीं अता-पता नहीं था। मजबूरन पीएचसी प्रभारी को गंभीर हालत में उसे उझानी रेफर करना पड़ा।
बुधवार दोपहर 1:30 बजे बितरौई गांव निवासी दुर्वेश अपनी गर्भवती पत्नी रेशमवती को आशा नन्ही देवी के साथ लेकर पहुंचा। आरोप है कि आशा स्टाफ नर्सों को फोन लगाती रही, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। करीब एक घंटे बाद एक प्राइवेट महिला आती है, और अधीक्षक डॉ महेश प्रताप सिंह को देखते ही अस्पताल से खिसक जाती है।
पति दुर्वेश का आरोप है – “एक घंटा हो गया बैठे-बैठे, कोई देखने तक नहीं आया।” जब प्रभारी निरीक्षक पहुंचे तो महिला की हालत गंभीर थी। उन्होंने तत्काल रेफर लेटर बनाकर उझानी भेजा।
पीएचसी अधीक्षक डॉ महेश प्रताप सिंह ने खुद माना – स्टाफ नर्सें आए दिन गायब रहती हैं। पहले भी उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस PHC पर स्टाफ नर्सों की मनमानी नई नहीं है। प्रसव के नाम पर वसूली, ड्यूटी से गायब रहना और प्राइवेट लोगों से अस्पताल चलवाने को लेकर पहले धरना-प्रदर्शन तक हो चुका है, लेकिन विभाग ने आज तक एक भी नर्स पर कार्रवाई नहीं की।
सवाल यह है कि जब प्रभारी के सामने ही अस्पताल प्राइवेट हाथों में चल रहा था, तो उच्चाधिकारी कब जागेंगे? किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है क्या ?।
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