11:55 pm Monday , 28 September 2026
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आजमगंज मढ़िया गौशाला में जलभराव, 115 गोवंश दूसरी गौशालाओं में भेजे

रात में 14 गौशालाओं का निरीक्षण, बीमार गोवंशों के तत्काल उपचार के निर्देश

कुंवर गांव संवाददाता

कुंवरगांव। लगातार बारिश के चलते गौशालाओं में जलभराव और गोवंशों की मौत की घटनाओं के बाद प्रशासन ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र की ब्योर और दातागंज क्षेत्र के अभिगांव में गोवंशों की मौत के बाद अधिकारियों ने कई गौशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति देखी।
सालारपुर ब्लॉक के बीडीओ नितिन कुमार ने रविवार रात रफियाबाद, बनेई, आजमगंज मढ़िया समेत करीब 14 गौशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंशों की स्थिति, चारा-पानी, साफ-सफाई और जलनिकासी की व्यवस्थाएं देखीं। बीमार पशुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने और जलभराव की स्थिति में प्रभावी जलनिकासी कराने के निर्देश दिए।
वहीं, आजमगंज मढ़िया की अस्थायी गौशाला में बारिश के कारण भीषण जलभराव हो गया था। पानी भरने के चलते वहां गोवंशों को रखना मुश्किल हो गया। प्रशासन ने करीब 115 गोवंशों को बनेई और चकोलर समेत अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित कराया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित्तर सिंह के अनुसार आजमगंज मढ़िया से करीब 115 गोवंशों को दूसरी गौशालाओं में भेजा गया है।
बीडीओ नितिन कुमार ने बताया कि आजमगंज मढ़िया की अस्थायी गौशाला में करीब 65 से 70 गोवंश थे। भीषण जलभराव के चलते रात में ही इन्हें वहां से निकालकर पंचायत घर में रखा गया। सोमवार सुबह इन्हें अन्य गौशालाओं में भेज दिया गया। चकोलर की बंद पड़ी गौशाला में करीब 30 गोवंश भेजे गए, जबकि बाकी गोवंशों को अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित किया गया।
बताया गया कि आजमगंज मढ़िया की अस्थायी गौशाला का संचालन एक एनजीओ द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि एनजीओ संचालक 21 सितंबर को गौशाला छोड़कर चला गया। इसके बाद ग्राम प्रधान द्वारा भी जिम्मेदारी लेने से इनकार किए जाने की बात सामने आई। इससे गौशाला की व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और बारिश के बीच गोवंशों की देखभाल चुनौती बन गई।

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