Gunjan Agrawal
वो “गौरैया” थी जो चहचहाती थी चहूँ ओर,
लेकिन धीरे-धीरे वह भीड़ में कहीं खो गई,
क्योंकि वो एक गौरैया थी.!!
जिसे खुले आसमान की आदत थी,
वो अब कहीं पिंजरे में कैद थी..
पंख तो आज भी वहीं हैं उसके,
लेकिन उड़ने की वजह कहीं खो गई..!!!
गुंजन शिशिर
bdnindia.com bdnindia.com | www.bdnindia.com


