


बदायूँ: 21 सितम्बर। जिलाधिकारी अवनीश राय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विद्यालयों में विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन, स्कूली वाहनों की फिटनेस, सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 01 अक्टूबर से यदि कोई स्कूली वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाता हुआ पाया जाता है तो वाहन स्वामी के साथ-साथ संबंधित विद्यालय के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्कूली वाहन में निर्धारित संख्या में ही विद्यार्थियों को बैठाया जाए तथा इस संबंध में प्रमाण पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों द्वारा केवल मानकों के अनुरूप फिट एवं सुरक्षित वाहनों का ही संचालन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक स्कूल बस एवं वैन की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता सुनिश्चित की जाए। किसी भी दशा में अनफिट अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत विद्यालय वाहन का संचालन न किया जाए। स्कूली वाहनों के चालक एवं परिचालक निर्धारित वर्दी में रहें तथा उनके चरित्र प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूली वाहनों में प्राथमिक उपचार किट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, सीट बेल्ट सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रहना सुनिश्चित किया जाए। विद्यालय प्रबंधन द्वारा वाहनों की नियमित जांच तथा आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन रखा जाए। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयीन वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विद्यालयों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग, चेतावनी संकेतक, नो-पार्किंग व्यवस्था एवं अन्य यातायात संकेतों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन जल्द से जल्द कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को यातायात नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, सड़क पार करने के सुरक्षित तरीकों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में नियमित रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की स्कूल डायरी में स्पष्ट रूप से संदेश अंकित कराया जाए कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग एवं सावधान रहने तथा नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न देने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। विद्यालयीन वाहनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से विद्यालयीन वाहनों की नियमित जांच एवं सड़क सुरक्षा अभियान संचालित करने तथा 01 अक्टूबर से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मानवेंद्र सिंह, एआरटीओ हरिओम गौतम, बीएसए, डीआईओएस, यातायात पुलिस, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रबंधक एवं प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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