7:05 pm Monday , 21 September 2026
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नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद मामले की सुनवाई 3 अक्टूबर को

बदायूं में आज होनी थी सुनवाई, कोर्ट ने दी नई तारीख; मुस्लिम पक्ष की बहस होना बाकी

बदायूं के नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले में अब अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। इस मामले में सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन कोर्ट ने अगली तारीख तय कर दी। मामला जामा मस्जिद की पोषणीयता यानी वाद सुनने योग्य है या नहीं, इसी मुद्दे पर चल रहा है।

इस मामले में वर्ष 2022 से पोषणीयता को लेकर कोर्ट में बहस शुरू हुई थी। अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दावा किया गया है कि बदायूं की जामा मस्जिद पहले भगवान नीलकंठ महादेव का मंदिर थी। हिंदू पक्ष का आरोप है कि मुस्लिम आक्रांताओं ने मंदिर का स्वरूप बदलकर वहां मस्जिद का निर्माण कराया।

वहीं, जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी का कहना है कि वहां शुरू से ही मस्जिद थी और मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं था। कमेटी की ओर से मामले को सुनवाई योग्य नहीं होने का तर्क भी दिया गया है।

हिंदू पक्ष ने गजेटियर समेत कई साक्ष्य दिए

हिंदू पक्ष का कहना है कि उसने सरकारी गजेटियर समेत अन्य दस्तावेज और साक्ष्य कोर्ट के सामने रखे हैं। इन्हीं आधारों पर वाद दायर किया गया है। मुकदमे में वादी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल समेत कई अधिवक्ता और व्यापारी शामिल हैं। फिलहाल मामले में मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी होना बाकी है। इसी के बाद पोषणीयता के मुद्दे पर आगे की सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर भी दोनों पक्षों के अलग तर्क

मुस्लिम पक्ष की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की सुनवाई पर रोक लगा रखी है। इसलिए मौजूदा वाद की सुनवाई आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। वहीं, हिंदू पक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में ऐसा स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि किसी मामले की पोषणीयता पर बहस ही नहीं की जा सकती। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कानूनी तर्क रखे जा रहे हैं। अब मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।

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