बदायूं में 7 लाख की ठगी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज।
बदांयू 21 सितंबर।
सिविल लाइन क्षेत्र में पति का फंड मिलने का झांसा देकर 7 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पहले मुकदमा दर्ज नहीं किया तो पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर थाना सिविल लाइन में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मोहल्ला आदर्श नगर, गली नंबर 3, सिविल लाइन निवासी लल्लन चौधरी (58) ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि मोहल्ला पनवाड़ी निकट ऐमरी चर्च निवासी नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रहे वंसल का परिवार उनसे अच्छी तरह परिचित था। वंसल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी गीता वंसल को अनुकंपा के आधार पर सफाई कर्मचारी की नौकरी मिल गई।
आरोप है कि-
पहली बार बेटी दीक्षा की शादी का हवाला देकर गीता और उसकी बेटी ने 2 लाख रुपये उधार लिए और जल्द वापस करने का वादा किया।
दूसरी बार दिनांक 03-04-2025 को भाई की तबीयत खराब होने की बात कहकर 2 लाख रुपये और ले लिए। कहा कि पति का फंड मिलते ही सारा पैसा लौटा देंगी।तीसरी बार 02-05-2025 को बीमारी का बहाना बनाकर फिर 3 लाख रुपये ले लिए। इस दौरान विकास पुत्र राकेश कुमार, रॉकी और पिंकल की मौजूदगी में जून 2025 तक पैसा वापस करने का लिखित वादा किया।
पीड़ित का आरोप है कि कुल 7 लाख रुपये लेने के बाद भी जब जून में पैसा नहीं लौटाया तो पता चला कि गीता को पति के फंड का पैसा मिल चुका है, लेकिन वह पैसा देने से टालमटोल कर रही है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 02-07-2025 पीड़ित डीएम रोड स्थित पवन बैंकट लॉन के सामने से गुजर रहा था तो गीता वंसल, उसके बेटे आशीष उर्फ आदर्श वंसल और बेटी दीक्षा वंसल मिले। पैसे मांगने पर तीनों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मौके पर मौजूद विकास और पिंकल ने बीच-बचाव कराया।
पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को डाक से प्रार्थना पत्र भेजे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत न्यायालय में वाद दायर किया।
न्यायालय के आदेश पर थाना पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया है। जांच उपनिरीक्षक महेश सिंह को सौंपी गई है।
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