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बिल्सी में नकली खाद फैक्ट्री का भंडाफोड़, मैरिज हॉल में चल रहा था काला कारोबार।

बिल्सी में नकली खाद फैक्ट्री का भंडाफोड़, मैरिज हॉल में चल रहा था काला कारोबार।

बिल्सी में 20 क्विंटल नमक से बन रही थी नकली MOP, 4 आरोपी फंसे।

बिल्सी बदांयू 21 सितंबर।

जनपद में किसानों के साथ बड़ा धोखा हो रहा था। कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्सी के गांव खैरी में चल रही नकली एमओपी खाद की फैक्ट्री पकड़ ली। यह फैक्ट्री कोई और जगह नहीं, बल्कि साईं राम मैरिज हॉल के टीन शेड में चल रही थी।

जिला कृषि अधिकारी की जानकारी के आधार पर थाना कोतवाली बिल्सी में मुकदमा दर्ज किया गया है।

बताते हैं 19 सितंबर को शाम 4 बजे विभाग को गोपनीय सूचना मिली कि अम्बियापुर ब्लॉक के ग्राम खैरी में नकली एमओपी बनाई जा रही है। इस पर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के प्रधान सहायक संजय कुमार, कनिष्ठ सहायक अंकित कुमार, प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार अम्बियापुर राजकुमार चक्रवर्ती, बीटीएम देवकी नन्दन, एटीएम सत्यम वत्स, एटीएम रंजीत कुमार और पुलिस टीम के कांस्टेबल महेश कुमार, ललित, सब इंस्पेक्टर संतोष, अनुज कुमार, कांस्टेबल अंकित कुमार, मंजीत कुमार के साथ छापेमारी की गई।

छापे के दौरान टीम ने तीन मजदूरों को रंगे हाथों नकली खाद बनाते और पैकिंग करते पकड़ा। मौके पर बरामदगी देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

20 क्विंटल सफेद नमक का खुला ढेर।
260 किलोग्राम गेरुआ रंग (20 kg x 13 bag) और 2 किलो खुला रंग, जो नमक को खाद का रंग देने के लिए इस्तेमाल हो रहा था।
275 कट्टे तैयार नकली खाद, जिस पर इंडियन पोटास लि. अंकित था।
249 कट्टे सफेद नमक के,
274 नये बैग गुलाबी रंग के, जो इंडियन पोटास कंपनी के नाम से प्रिंटेड थे, बिना इस्तेमाल के रखे मिले।
2 सिलाई मशीन एक LPI कंपनी मॉडल नं. L2W/D-105 और दूसरी REVO कंपनी मॉडल DAD-W, धागे के बंडल के साथ,
सिलाई मशीन चलाने के लिए एक जेनरेटर और इलेक्ट्रॉनिक कांटा।
मौके पर एक टेम्पू (मैजिक) भी अंदर आते हुए मिला, जिसमें 30 बैग नकली खाद लदी थी।

पूछताछ में पता चला कि साईं राम मैरिज हॉल के मालिक मोनू गुप्ता पुत्र सत्यपाल गुप्ता, नि. मो. नं. 8 साहब गंज कस्बा बिल्सी ने अपना टीन शेड मो. आरिफ पुत्र असगर अली, नि. मोहल्ला पठानटोला, सहसवान को 15,000 रुपये प्रति माह किराये पर दे रखा था। मौके पर उर्वरक का कोई भी वैध लाइसेंस (विनिर्माण एवं क्रय-विक्रय) नहीं दिखाया गया। कृषि विभाग का मानना है कि यह पूरा खेल मोनू गुप्ता की मिलीभगत से चल रहा था।

सभी बरामद सामान को कमरा नं. 01 व 02 में सील कर चाबी सुपुर्दगी में दे दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है,मो. आरिफ पुत्र असगर अली,
फरियाद पुत्र हसमत, नि. घूरनपुर, सहसवान,
मुनीफ पुत्र हनीफ, नि. ग्राम खैरी, अम्बियापुर व
मोनू गुप्ता पुत्र सत्यपाल गुप्ता, मैरिज हॉल मालिक।

इनके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 भाग 4 की धारा 7, 12, 13, 14, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 338, 347, 349, 350 एवं ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 103, 104 के तहत थाना बिल्सी में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले की जांच उपनिरीक्षक घनश्याम सिंह को सौंपी गई है।

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