साहित्य और समाज सेवा के लिए आचार्य संजीव रूप को मिला ‘प्रताप नारायण पुरस्कार’
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में काव्य संदेश ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
बिल्सी। यशस्वी अनमोल रतन सेवा संस्थान, बिल्सी के 32वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में देश के विभिन्न प्रांतों एवं प्रमुख शहरों से ख्यातिलब्ध कवियों को आमंत्रित किया गया। मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, गाजियाबाद, फरीदाबाद, भोपाल और आगरा सहित अनेक स्थानों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर किया।
समारोह में बदायूं के सुप्रसिद्ध वेद कथाकार, कवि एवं समाजसेवी आचार्य संजीव रूप को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। आचार्य संजीव रूप ने अपने ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण काव्य संदेश से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं में साहित्य के साथ-साथ सामाजिक जागरण, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रहित का संदेश भी दिखाई दिया।
आचार्य संजीव रूप के साहित्य एवं समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए अनमोल रतन सेवा संस्थान द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित ‘प्रताप नारायण पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कवि शिव ओम अंबर, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित कवि डॉ. राधेश्याम मिश्र तथा संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें माला, शॉल, प्रतीक चिह्न, अभिनंदन-पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद आचार्य संजीव रूप ने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने और मानवीय संवेदनाओं को जागृत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने संस्था द्वारा दिए गए सम्मान को साहित्य और समाज सेवा के प्रति अपने दायित्व को और अधिक दृढ़ करने वाली प्रेरणा बताया।
समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, कवि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: अनमोल रतन सेवा संस्थान के 32वें वार्षिक उत्सव में ‘प्रताप नारायण पुरस्कार’ प्राप्त करते आचार्य संजीव रूप।


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