Nita Vasave अस्पताल में समाज नहीं आता, घरेलू संकट में समाज नहीं आता, दुख के दिनों में समाज आकर कुछ नहीं पूछता, तो फिर जीवन के हर फ़ैसले मैं…. समाज क्या कहेगा सोचना ज़रूरी क्यूँ????