बदायूं, 21 जुलाई। राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को केंद्र एवं प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में किसान मालवीय आवास गृह में एकत्र हुए और बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। साथ ही जिले की समस्याओं को लेकर 6 सूत्रीय अलग ज्ञापन भी दिया गया।
सुबह से ही किसानों के जुटने पर प्रशासन ने मालवीय आवास गृह एवं कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित पंचायत के दौरान एसडीएम बिसौली, डिप्टी कलेक्टर, एडीएम प्रशासन एवं सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ज्ञापन केवल जिलाधिकारी को ही सौंपा जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि जिलाधिकारी स्वयं ज्ञापन नहीं लेते तो किसान बिना ज्ञापन दिए वापस लौट जाते। बाद में जिलाधिकारी स्वयं किसानों के बीच पहुंचे, ज्ञापन प्राप्त किया और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
स्थानीय समस्याओं को लेकर उठाईं प्रमुख मांगें
जिलाधिकारी को दिए गए 6 सूत्रीय ज्ञापन में किसानों ने जनपद की कई समस्याएं उठाईं। इनमें प्रमुख रूप से—
किसानों के भूमि अभिलेखों में अंश संबंधी गड़बड़ियों का समाधान।
खाद वितरण के नियमों को सरल बनाने की मांग।
सरकारी खरीद केंद्रों पर मक्का खरीद शुरू कराने की मांग।
बिजली के कथित अनाप-शनाप बिलों की जांच।
सहसवान के सरकारी खरीद केंद्र पर धान एवं बाजरा की कथित फर्जी खरीद की जांच, विशेष रूप से काकोराबाद और फकीराबाद गांवों से हुई खरीद की निष्पक्ष जांच कराने की मांग।
अस्पतालों में भ्रष्टाचार पर जताई नाराजगी
ज्ञापन सौंपने के बाद यूनियन के पदाधिकारी जिला पुरुष चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने सीएमएस एवं सीएमओ से मुलाकात कर अस्पतालों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि अस्पतालों में भ्रष्टाचार नहीं रुका तो संगठन अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों एवं संगठन के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हितों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।
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