10:46 pm Wednesday , 4 November 2026
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यज्ञ है, भारतीय संस्कृति की आत्मा : शर्मा

यज्ञ है, भारतीय संस्कृति की आत्मा : शर्मा

यज्ञ से सुगंधित होता है वातावरण, आते हैं सद्गुण : संजीव

बदायूं : शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री परिवार द्वारा समरेर ब्लाक क्षेत्र के गांव गण्डाह में पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। ग्रामीणों और दूर-दराज से आए साधु-संतों ने लोक कल्याणार्थ यज्ञ भगवान को गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित कीं।
यज्ञाचार्य नत्थू लाल शर्मा ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की आत्मा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने यज्ञ को धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, लोकमंगल और विश्वकल्याण का माध्यम बताया है। यज्ञ से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति, परिवार और समाज के वातावरण को शुद्ध करती है।गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यज्ञीय ऊर्जा से सद्गुणों आते हैं। यज्ञ हमें त्याग, सहयोग और परोपकार की भावना के साथ एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। जब व्यक्ति अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के हित में कार्य करता है, तभी उसका जीवन यज्ञमय बनता है।

उपाचार्य सुखपाल शर्मा ने कहा कि यज्ञ से उत्पन्न सुगंधित एवं औषधीय तत्व वायु में व्याप्त अनेक हानिकारक तत्वों को कम करने में मदद करते हैं। आज जब प्रदूषण वैश्विक समस्या बन चुका है, तब यज्ञ का वैज्ञानिक महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने युवा श्रेष्ठ कार्यों के लिए अपना समय, श्रम, संसाधन और प्रतिभा समर्पित करें, क्रांतिकारी परिवर्तन होंगे।
महायज्ञ में सत्यवान अग्निहोत्री, नाथू देवी, संदीप अग्निहोत्री, रजनी ने शक्ति कलश पूजन, प्रदीप, ममता, अभिषेक, शिवानी, अमित अग्निहोत्री, तुलसीराम, आलोक अग्निहोत्री ने गुरु पूजन, श्याम, दिनेश शर्मा, प्रियंका शर्मा ने मां गायत्री का पूजन और छोटेलाल शर्मा, संजू शर्मा, ममता शर्मा, गौरव शर्मा, आरती शर्मा ने चारों वेदियों का पूजन किया। इसके बाद विशाल भंडारा हुआ। देवकन्याओं को दान दक्षिणा दी। युवाओं ने दक्षिणा में एक बुराई का त्याग कर अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प लिया।

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